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Madhya Pradesh Higher Education Department has released College Admission Policy 2021, विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पूर्व यह जानना है जरूरी, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना,मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी (MMVY) योजना,

मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज में प्रवेश के लिए प्रवेश नीति 2021 जारी की गई है। इस नीति में मध्यप्रदेश शासन की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाएं मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना,मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी (MMVY) योजना,वन-स्टेप-अप योजनान्तर्गत प्रवेश (स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों हेतु) हेतु विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।

डिजिटल एजुकेशन पोर्टल द्वारा आप लोगों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई प्रवेश नीति 2021 के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट किया जा रहा है।

म. प्र. शासन द्वारा विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु हितग्राही योजनाएं:

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी (MMVY) योजना

मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश 866/342/ सी.सी./2017 दिनांक 24 जून 2017 के तहत प्रदेश में प्रतिभाशाली आवेदकों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित किए जाने के अनुक्रम में सत्र 2017-18 से मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना संचालित है।

इस योजना का क्रियान्वयन तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी नियमों के तहत किया गया है।

पात्रता की शर्तें

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मध्यप्रदेश का मूल निवासी हो।
विद्यार्थी के पिता/ पालक की वार्षिक आय छ लाख रुपये से कम हो।
विद्यार्थी ने 12वीं परीक्षा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल से 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक अथवा सी.बी.एस.ई/आई.सी.एस.ई. बोर्ड से 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण की हो।

योजना का स्वरूप

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यह योजना स्नातक स्तर प्रवेश प्राप्त करने हेतु लागू की गई है। इस संबंध में अन्य आवश्यक दिशा निर्देश / पात्रता संबंधी समय-समय पर जारी शासन के निर्देशों का पालन किया जायेगा। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्राप्त होने पर छात्र को इस योजनान्तर्गत संस्थाओं को देय शुल्क के रूप में प्रवेश शुल्क एवं वह वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क एवं कॉशन मनी को छोड़कर) जो शुल्क विनियामक समिति अथवा म.प्र. निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग अथवा भारत सरकार / राज्य शासन द्वारा निर्धारित किया गया है का ही भुगतान किया जायेगा।
(म.प्र. शासन तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग का पत्र क्र. एफ 5-6/2017/42 (1) भोपाल दिनांक 05.06.2018)

स्पष्टीकरण- प्रवेश प्राप्त पात्र विद्यार्थियों को केवल मेस शुल्क एवं काशन मनी का भुगतान करना होगा तथा अन्य शुल्क जैसे प्रवेश शुल्क (नामांकन शुल्क सहित) एवं परीक्षा शुल्क राज्य शासन द्वारा देय होगा। महाविद्यालय द्वारा परीक्षा शुल्क की प्रविष्टि हेतु पिछली परीक्षा के शुल्क को आधार माना जा सकता है।

मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन योजना (MMJKY)

मुख्यमंत्री जन कल्याण (शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत मप्र शासन तकनीकी शिक्षा विभाग कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के आदेश क्रमांक एफ-14-2/2008/42-2 दिनांक 21 अगस्त 2018 के तहत प्रवेश दिया जायेगा। इस हेतु समय समय पर जारी आदेशों का पालन भी सुनिश्चित किया जायेगा।

पात्रता की शर्ते

यह योजना स्नातक एवं स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर प्रदान की जावेगी।

विद्यार्थी के माता पिता का प्रशासन के श्रम विभाग में असंगठित कर्मकार के रूप में पंजीयन होना अनिवार्य है।

योजना का स्वरूप

कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा मध्यप्रदेश के पत्र क्रमांक 525 / 484 / आउशि/ शा-5 / 2018 भोपाल दिनांक 30 जून 2018 के तहत राज्य शासन के समस्त शासकीय विश्वविद्यालय, शासकीय महाविद्यालयो एवं अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में संचालित स्नातक (प्रथम / द्वितीय तृतीय वर्ष एवं स्नातकोत्तर (प्रथम द्वितीय वर्ष) के पारम्परिक एवं स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रवेश (लेकिन मेरा शुल्क एवं कौशन मनी को छोड़कर) दिया जायेगा।

स्पष्टीकरण

स्नातक/ स्नातकोत्तर के पात्र विद्यार्थियों को इस योजनान्तर्गत प्रवेश प्राप्त होने पर केवल मेस शुल्क एवं कॉशन मनी का भुगतान करना होगा तथा अन्य शुल्क जैसे प्रवेश शुल्क (नामांकन शुल्क सहित) एवं परीक्षा शुल्क राज्य शासन द्वारा देय होगा। महाविद्यालय द्वारा परीक्षा शुल्क की प्रविष्टि हेतु पिछली परीक्षा के शुल्क को आधार माना जा सकता है।

विद्यार्थियों हेतु महत्वपूर्ण

उपरोक्त दोनों योजनाओं मेधावी/ जनकल्याण के लाभ प्राप्त करने से पूर्व विद्यार्थी राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली अन्य हितग्राही योजनाओं का भली भांति अध्ययन करने के पश्चात् ही प्रवेश शुल्क भुगतान के समय इन योजनाओं का चयन करें।

वन-स्टेप-अप योजनान्तर्गत प्रवेश (स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों हेतु)

स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों हेतु वन-स्टेप-अप योजनांतर्गत प्रायमरी / मिडिल स्कूल शिक्षको के लिए केवल शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु नियम व शर्तें म.प्र. शासन स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश क्र. F44-27/2015/20-2, दिनांक 18 जून 2015 के अनुसार रहेगी। इस हेतु स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर उल्लेखित पाठ्यक्रमों/विषयों में महाविद्यालय में सीटों के 02 प्रतिशत स्थान उपलब्ध रहेंगे।

वन-स्टेप-अप योजना के प्रवेश ऑनलाईन माध्यम से ही होंगे। आवेदकों को ऑनलाईन पोर्टल पर पंजीयन/ दस्तावेज अपलोड / महाविद्यालय / पाठ्यक्रम चयन / ई-सत्यापन कराना अनिवार्य होगा, आवेदकों को प्रवेश समय सारणी अनुसार पंजीयन शुल्क का भुगतान करना होगा।

स्कूल शिक्षा विभाग का अनापत्ति प्रमाण-पत्र आवेदक को उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार घोषित समय सीमा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना

मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग, वल्लभ भवन मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 1373/2021/50-2, भोपाल, दिनांक 21.052021 के अनुसार

योजना का उद्देश्य
(परिशिष्ट 1)

इस योजना का उद्देश्य बच्चों को आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा प्रदान करता है, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन निर्वाह करते हुये अपनी शिक्षा निर्विघ्न रूप से पूरी कर सकें। यह योजना संपूर्ण मध्यप्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू की गयी है।

परिभाषा
(परिशिष्ट 3)

परिवार से अभिप्राय पति-पत्नी और उन पर आश्रित बच्चों से है,
(परिशिष्ट 31)
बाल हितग्राही से अभिप्राय ऐसे बालक/बालिका जिनकी आयु 21 वर्ष या उससे कम है, परंतु स्नातक में अध्ययनरत रहने की स्थिति में, 24 वर्ष या स्नातक पाठ्यक्रम की निर्धारित अवधि तक इनमें से जो भी कम हो (परिशिष्ट-32) और जिनके माता-पिता की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो (परिशिष्ट-321) या माता-पिता का निधन पूर्व में हो गया था तथा उनके वैध अभिभावक की कोविड-19 से मृत्यु हुई हो (परिशिष्ट-322) या माता-पिता में से किसी एक का पूर्व में निधन हो चुका है तथा अब दूसरे की कोविस 19 से मृत्यु हुई है। (परिशिष्ट-323)

“कोविड-19 से मृत्यु” का अभिप्राय ऐसी किसी भी मृत्यु से है, जो 1 मार्च 2021 से 30 जून 2021 तक अवधि में हुई।

योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि (परिशिष्ट 4 ) प्रभावित परिवार मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी हो मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना का लाभ प्राप्त करने की पात्रता नहीं हो, बाल हितग्राही के मृतक माता/पिता ऐसे शासकीय सेवक या शासकीय उपक्रम के सेवक में न हो जिन्हें पुरानी पेंशन स्कीम के अंतर्गत पेंशन पाने की पात्रता हो

बाल हितग्राही के मृतक माता / पिता / अभिभावक की कोविङ-19 से मृत्यु होने से वे अनाथ हो गये है, को उच्च शिक्षा सहायता निम्नानुसार देय होगी (परिशिष्ट 5.3.2) शासकीय अथवा केंद्र/ राज्य शासन से अनुदानित विश्वविद्यालय / महाविद्यालयों में हितग्राहियों को प्रवेश शुल्क परीक्षा शुल्क सहित अन्य समस्त वार्षिक वास्तविक शुल्क (मेस शुल्क सहित) का लाभ देय होगा साथ ही काशनमनी जमा कराने से छूट रहेगी।
बाल हितग्राहियों का प्रवेश निःशुल्क होगा। समस्त शुल्क की संबंधित संस्था को प्रतिपूर्ति की जाएगी।

ऐसे निजी विश्वविद्यालय / अशासकीय महाविद्यालयों में जहाँ शुल्क का निर्धारण मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा नियत किया जाता है, उनमें अध्ययनरत होने पर उक्त कंडिका अ अनुसार समस्त वार्षिक वास्तविक शुल्क या रुपये 15,000 जो भी कम हो की प्रतिपूर्ति बाल हितग्राही के आधार लिंक्ड बैंक खाते में की जायेगी।
इस योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थी जो पूर्व से किसी पाठ्यक्रम में अध्ययनरत है, उन्हें भी योजना लागू से लाभ प्रदान किया जा सकेगा। (परिशिष्ट-5.3.4)

यह स्पष्ट किया जाता है कि बाल हितग्राही को उच्च शिक्षा हेतु किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने पर उस पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित वर्षों के लिए ही शिक्षा प्राप्ति संबंधी लाभ प्राप्त करने की पात्रता होगी। (परिशिष्ट-5.3.5)

शासन को अन्य योजनाओं का लाभ-मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना का लाभ बाल हितग्राहियों को शासन की अन्य योजनाओं के अंतर्गत देय लाभ के अतिरिक्त होगा किन्तु बाल हितग्राही को शिक्षा शुल्क आदि का दोहरा भुगतान किसी अन्य योजना से नहीं होगा। (परिशिष्ट-३)

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