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💥Big Breaking💥 : सीएम राइज विद्यालय स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सीएम राइज स्कूलों में चयन के विरुद्ध हुई पदस्थापना, विभाग दायर कर चुका है केविएट याचिका

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस सत्र से cm rise स्कूल योजना अंतर्गत नए शिक्षकों की पोस्टिंग की जा रही है लेकिन इस पोस्टिंग के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा चुने गए स्थानों पर पोस्टिंग ना देते हुवे अन्यत्र स्थानों पर पोस्टिंग दी जा रही है जिसको लेकर हजारों शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है.

जी हां आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सीएम राइज स्कूल योजना अंतर्गत शिक्षकों की चयन परीक्षा का आयोजन पिछले वर्ष किया गया था. इस चयन परीक्षा के आयोजन के उपरांत चयनित अभ्यर्थियों से अपनी पसंदीदा स्कूलों में पोस्टिंग के लिए चॉइस फिलिंग भी करवाई गई थी. चॉइस फिलिंग के दौरान यह बताया गया था कि जिन स्कूल में चॉइस फिलिंग की जा रही है, उन स्कूलों में वरीयता के आधार पर मेरिट लिस्ट के अनुसार पोस्टिंग दी जाएगी.

मेरिट में आने के बाद भी दूरस्थ क्षेत्रों में मिले स्कूल, कम नंबर आने पर भी वही बने रहे शिक्षक

लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को उनकी पसंद के बजाय अन्य जिलों के स्कूलों में अनिवार्य रूप से पोस्टिंग दी गई है. वही एक और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सीएम राइस स्कूल शिक्षक चयन परीक्षा में कम नंबर आने वाले शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में फिर से पोस्टिंग दे दी गई है तथा अधिक नंबर आने वाले शिक्षकों को उनकी पसंदीदा स्कूल में ना भेजते हुए अन्य स्कूलों में पोस्टिंग दी जा रही है. शिक्षक संगठनों ने इस संबंध में बताया कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस तरह शिक्षकों के साथ भेदभाव पूर्ण नीति का उपयोग किया जा कर शिक्षकों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं जो कि न्याय संगत नहीं होकर संवैधानिक अधिकारों का हनन है.

समर्पित शिक्षकों ने ही भरे थे सीएम राइज स्कूलों के लिए फार्म, मिल रही सजा , प्रोत्साहन के स्थान पर हो रहे हतोत्साहित

शिक्षकों द्वारा बताया गया कि सीएम राइस शिक्षक चयन परीक्षा में समर्पित शिक्षकों द्वारा ही ऑनलाइन फॉर्म भरे गए थे और यह शिक्षक वे है,जो कि समर्पित रूप से विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं तथा नवाचार के साथ ही शिक्षा विभाग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का दम भरते हैं। बावजूद इसके इन शिक्षकों को सीएम राइज जैसे स्कूलों में पढ़ाने की चाह पर पानी फेरते हुए दूरस्थ स्कूलों में पदस्थापना दी जा रही है।

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा खोले जा रहे सीएम राइज स्कूल अपने आप में इस सर्व सुविधा युक्त सर्व संसाधन युक्त स्कूल के रूप में संचालित किए जाने हैं। इन स्कूलों की नींव ही उनके शिक्षक होते हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने तथा उन्हें प्रोत्साहन देने के बजाय दूरस्थ स्कूलों में उनकी पसंद के विरुद्ध अनिवार्य रूप से पदस्थापना करने के कारण शिक्षक हतोत्साहित हो रहे हैं। शिक्षकों की मानें तो उन्होंने सीएम राइस स्कूल चयन परीक्षा में भाग लेकर बहुत बड़ी गलती कर दी है। कई शिक्षक तो ऐसे हैं जो कि वर्तमान में जहां पदस्थ थे वहां से कहीं और जाना ही नहीं चाहते थे। लेकिन सीएम राइस स्कूल योजना के प्रचार प्रसार एवं शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया कर दिखाने को लेकर इन स्कूलों में पोस्टिंग के लिए आवेदन किए थे।

शिक्षको ने ली कोर्ट की शरण

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सीएम राइज स्कूल चयन परीक्षा के नाम पर शिक्षकों को उनकी पसंदीदा स्कूलों से दूरस्थ स्कूलों में अनिवार्य रूप से पोस्टिंग आर्डर करने के विरोध में अब शिक्षकों द्वारा कोर्ट की शरण ली गई है।

आपको बता दें कि लाखों शिक्षकों द्वारा इस परीक्षा के लिए आवेदन किया जा गया था परीक्षा उपरांत चॉइस फिलिंग करने के बाद भी शिक्षकों को उनकी पसंद के बजाय दूरस्थ स्कूलों में पोस्टिंग दी जा रही है।

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सतना जिला के अर्जुनपुर ब्लाक मझिगवा में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक राजेश कुमार सीएम राइज शाला में चयन में भाग लिया मेरिट में नाम भी आया ,ब्लॉक प्राथमिकता में च्वाइस में राजनगर और लौंडी ब्लॉक का पोस्टिंग विकल्प दिया,लेकिन दिनांक 26-05-2022 को सीएम राइज संस्थाओं में ट्रांसफर करते हुए आवेदक को सतना से चंदला जिला छतरपुर ट्रांसफर कर दिया गया,तथा सरकार दूसरी तरफ अपनी गलती को सही बताने के लिए हाईकोर्ट में कैवियट भी दायर कर दिया जिससे स्टे जारी न करने दिया जाए।,जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजेश दुबे के मार्फत रिट याचिका दायर की।प्रार्थी तथा कुछ अन्य याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए ,हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस नंदिता दुबे के बेंच ने सीएम राइज के नाम से किए गए ट्रांसफर आदेश दिनांक..26-05-2022. को स्टे करते हुए,आवेदक को पूर्ववत संस्था में, भारमुक्त हो गए हो तो भी, पुरानी जगह के कार्यरत रहने का आदेश दिए,तथा सरकार को जवाब देने हेतु आदेशित किया है।

सतना जिला के अर्जुनपुर ब्लाक मझिगवा में पदस्थ माध्यमिक शिक्षक राजेश कुमार सीएम राइज शाला में चयन में भाग लिया मेरिट में नाम भी आया ,ब्लॉक प्राथमिकता में च्वाइस में राजनगर और लौंडी ब्लॉक का पोस्टिंग विकल्प दिया,लेकिन दिनांक 26-05-2022 को सीएम राइज संस्थाओं में ट्रांसफर करते हुए आवेदक को सतना से चंदला जिला छतरपुर ट्रांसफर कर दिया गया,तथा सरकार दूसरी तरफ अपनी गलती को सही बताने के लिए हाईकोर्ट में कैवियट भी दायर कर दिया जिससे स्टे जारी न करने दिया जाए।,जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अधिवक्ता राजेश दुबे के मार्फत रिट याचिका दायर की।प्रार्थी तथा कुछ अन्य याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए ,हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस नंदिता दुबे के बेंच ने सीएम राइज के नाम से किए गए ट्रांसफर आदेश दिनांक.. 26-05-2022. को स्टे करते हुए,आवेदक को पूर्ववत संस्था में, भारमुक्त हो गए हो तो भी, पुरानी जगह के कार्यरत रहने का आदेश दिए,तथा सरकार को जवाब देने हेतु आदेशित किया है।
💥Big Breaking💥 : सीएम राइज विद्यालय स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सीएम राइज स्कूलों में चयन के विरुद्ध हुई पदस्थापना, विभाग दायर कर चुका है केविएट याचिका 8

134 ने उठाए सवाल, 20 शिक्षक हाईकोर्ट पहुंचे

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134 शिक्षकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। 20 शिक्षक हाईकोर्ट चले गए हैं। शुक्रवार एडिशनल डायरेक्टर कुशवाह ने बताया कि मौजूदा स्कूल में बने रहने के लिए 50% अंक हासिल करना ही काफी था। कुछ शिक्षक सीएम राइज स्कूल में पदस्थापना का काम देख रहीं डीपीआई की एडिशनल डायरेक्टर कामना आचार्य के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। प्रदेश में करीब 500 से अधिक शिक्षक मूल स्कूल में ही अपना पद रिटेन करने में सफल रहे। भोपाल में ऐसे शिक्षकों की संख्या 10 है।

स्कूल शिक्षा विभाग दायर कर चुका है केविएट

CM rise स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना के दौरान ही स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाईकोर्ट में केविएट पिटीशन दायर की जा चुकी है आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में सीएम राइस स्कूलों में नए शिक्षकों की पोस्टिंग चयन परीक्षा के उपरांत की गई है इस पोस्टिंग के दौरान शासन को इस बात का डर था कि शिक्षक कोर्ट की शरण लेंगे इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा हाई कोर्ट में कैविएट दायर कर बिना विभाग के पक्ष को सुनें किसी भी प्रकार के निर्णय नहीं लेने के लिए अनुरोध किया है।

क्या होती है केविएट याचिका ? केविएट से क्या मिलता है फायदा जानने के लिए यहां क्लिक करे

सी एम राइज योजना में चयन एवं पदस्थापना : चॉइस फिलिंग नहीं करने पर भी दी गई अन्य जगह पदस्थापना

शिक्षकों के सी एम राइज योजना में चयन के पश्चात, योजनानुसार दिये गए विकल्प से अन्यत्र पदस्थापना एवं विकल्प नहीं दिए जाने के पश्चात भी पोस्टिंग किये जाने के कारण, कोर्ट केस उदभूत हुए। आज दिनांक को 3 या 4 प्रकरण में सुनवाई के दौरान , प्राप्त स्टे का मुख्य आधार यह रहा है कि याचिकाकर्ता को कार्यमुक्ति आदेश प्राप्त नही हुआ है। इसके अलावा विकल्प चयन के उपरांत, विकल्प के आधार पर, पदस्थापना नही करके , कथित प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किये जाने की चर्चा भी हुई। विकल्प नही दिये जाने के बाद भी दूरस्थ पदस्थापना हुई यह आज विषय नहीं रहा ।

शासन ने उनका उत्तर देने हेतु, बहुत ही कम समय एक सप्ताह का समय लिया है। ग्वालियर में 13 जून को सुनवाई होनी है। जिन शिक्षकों के प्रकरणों में अभी नम्बर नही आया है, उनके प्रकरण एक विशेष न्यायाधीश अवकाश के बाद सुनेंगे। अन्य न्यायाधीश एवं खंडपीठ ग्वालियर एवं इंदौर के आदेश भी केस का भविष्य तय करेंगे। अगली सुनवाई गुरुवार को है, उस दिन न्यायाधीश का क्या रुख होगा यह देखना होगा। शासन भी जल्दी ही अपने पक्ष को स्थापित करने का प्रयास करेगी। चयन के पश्चात , पदस्थापना में विसंगति भारी मात्रा में हुई हैं। न्यायधीशों की न्यायिक एकरूपता से केस का भविष्य तय होगा। न्यायिक संघर्ष सफल होने की आशा है।

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