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मध्यप्रदेश कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर : कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर सरकार ने निकाला नया तरीका, अब स्थानापन्न आधार पर किए जाएंगे प्रमोशन, जाने क्या होती है स्थानापन्न रूप से पदोन्नति, क्या मिलेगा आर्थिक लाभ ?

Employee Promotion Big Update 2023

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मध्यप्रदेश शासन अपने नियमित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति को लेकर लंबे समय से न्यायालयीन प्रकरणों में उलझा हुआ है| बता दें कि मध्य प्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण को लेकर पिछले 7 से ज्यादा वर्षों से कोर्ट केस चल रहे हैं जिसको लेकर अभी तक मध्य प्रदेश के कई अधिकारी कर्मचारी बिना पदोन्नति के रिटायर हो चुके हैं| ऐसी स्थिति में जहां एक और मध्य प्रदेश सरकार कर्मचारियों का प्रमोशन प्रमोशन में आरक्षण को लेकर तथा कोर्ट केस के आधार पर नहीं कर रही है तो दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी लगातार मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं |

एक और जहां विधानसभा चुनाव नजदीक है तो वही कर्मचारी अधिकारियों में सरकार के खिलाफ आक्रोश है ऐसी मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अब कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर नया रास्ता खोजा गया है जिसके तहत मध्य प्रदेश सरकार अब अधिकारियों कर्मचारियों को स्थानापन्न आधार पर पदोन्नत करने पर विचार कर रही है |

मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2016 में किया गया संशोधन

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आक्रोश को साधने के लिए अब स्थापना आधार पर उच्चतर पद पर कार्य करने हेतु प्रक्रिया निर्धारित की जा रही हैं जिसे स्थापन आधार पर प्रमोशन कहा जा सकता है|

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राजपत्र असाधारण दिनांक 20 दिसंबर 2020 द्वारा मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा शाला शाखा में भर्ती तथा पदोन्नति नियम 12 जुलाई 2016 में निम्नानुसार संशोधन जारी किया है –

क्र. एफ 01-01-2015- बीस- 1. भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए मध्यप्रदेश के राज्यपाल, एतद्द्वारा मध्यप्रदेश राज्य एवं अधीनस्थ शिक्षा सेवा (शाला शाखा) भर्ती तथा पदोन्नति नियम, 2016 में निम्नलिखित संशोधन करते हैं, अर्थात्

यदि उच्च पदों की रिक्तियों को भरने की तत्काल आवश्यकता है ,और उपयुक्त शासकीय सेवक उच्चतर पद के लिए अपेक्षित योग्यता धारित करते हो तथा वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर उपलब्ध तथा पात्र हो, तब ऐसी दशा में नियुक्त प्राधिकारी संबंधित पद पर आगामी आदेश तक स्थापन रूप से उच्च पद पर कार्य करने हेतु आदेश जारी कर सकेगा |

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ऐसे उच्चतर पद स्थापन रूप से कार्य करने के लिए आदेशित अधिकारियों को, ऐसे उच्चतर पद के ऐसे उच्चतर रैंक पर तब तक कोई वरिष्ठता या वेतन प्राप्त नहीं होगा , जब तक कि ऐसे अधिकारी ऐसे उच्चतर पद पर स्थापन रूप से कार्य नहीं करता है |

ऐसा स्थापन रूप से कार्य करने वाले अधिकारी ऐसे उच्चतर पद पर पदोन्नति किसी अधिकारी द्वारा यथा प्रयोज्य ऐसे उच्चतर पद की समस्त शक्तियों का प्रयोग करेगा, जो वह वर्तमान में स्थापन रूप से कार्य कर रहा है|

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“In case, if it is necessary to fill up vacancies of the higher post immediately and the suitable: Government Servant who hold qualification required for higher post are available and eligible on basis of seniority cum merit then the appointin authority of concerned post may issue on order for officiating of higher rank untill further orders. The officers so ordered to officiate at such higher rank. shall have no seniority or pay of such higher rank of such higher post till such officer officiates on such higher post. Such officiating officer shall exercise all the powers of such higher post as exercisable by an officer promoted to such higher rank to which he is currently officiating.”.

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मध्यप्रदेश कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर : कर्मचारियों की पदोन्नति को लेकर सरकार ने निकाला नया तरीका, अब स्थानापन्न आधार पर किए जाएंगे प्रमोशन, जाने क्या होती है स्थानापन्न रूप से पदोन्नति, क्या मिलेगा आर्थिक लाभ ? 15

क्या है स्थानापन्न आधार पर पदोन्नति या प्रमोशन Officiating Promotion ?

स्थापन आधार पर पदोन्नति या प्रमोशन OFFICIATING PROMOTION किसी अन्य व्यक्ति के पद के विरुद्ध पदोन्नति है। स्थापन आधार पर पदोन्नति मैं उच्चतर पद के लिए उपयुक्त एवं निर्धारित योग्यता रखने वाले अधिकारी कर्मचारी को उच्चतर पद का कार्य करने के लिए आदेशित किया जाता है|

वास्तविकता में स्थापन आधार पर पदोन्नति या प्रमोशन किसी उच्च पद पर कार्य करने की अनुमति प्रदान करता है यह किसी प्रकार का प्रमोशन नहीं है, बल्कि किसी वरिष्ठ या उच्चतर पद पर निश्चित समय अंतराल के लिए जब किसी अधिकारी कर्मचारी को कार्य करने की अनुमति दी जाती है तो इस प्रकार उच्चतर पद पर कार्य करने को ही स्थापन आधार पर पदोन्नति कहते हैं |

मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा शाला शाखा में भर्ती तथा पदोन्नति नियम 12 जुलाई 2016 में किए गए संशोधन के अनुसार अधिकारियों कर्मचारियों का प्रमोशन स्थापन आधार पर किया जा सकेगा | इसका मतलब यह है कि अधिकारियों कर्मचारियों को उच्च पद पर वरिष्ठता सह उपयुक्तता के सिद्धांत पर कार्य करने की अनुमति दी जा सकेगी |

स्थानापन्न पदोन्नति पर नहीं मिलेगा उच्चतर पद का वेतनमान या वरिष्ठता लाभ

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थापना आधार पर अधिकारियों कर्मचारियों की पदोन्नति पर अधिकारियों कर्मचारियों को उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन उच्चतर पद उच्चतर रेंट पर तब तक कोई वरिष्ठता या वेतन नहीं दिया जाएगा जब तक कि ऐसे अधिकारी या कर्मचारी को ऐसे उच्चतर पद पर पदोन्नति नहीं दी जाती|

अर्थात स्थापन आधार पर प्रमोशन पर किसी भी प्रकार का वित्तीय लाभ या वरिष्ठता का लाभ प्राप्त नहीं होगा |

Officiating Promotion स्थानापन्न पदोन्नति पर मिलेगा यह लाभ

स्थापना आधार पर पदोन्नति या प्रमोशन आने वाले लोक सेवकों को उस उच्चतर पद के समस्त अधिकारों का उपयोग करने की अनुमति मिलेगी जिस पद पर उन्हें स्थानापन्न पदोन्नति (उच्चतर पद का प्रभार) दिया गया है|

स्थानापन्न आधार पर पदोन्नति से सरकार अधिकारियों कर्मचारियों को उच्चतर पदों पर कार्य करने का अवसर तो उपलब्ध करवाएगी लेकिन उन्हें इसके बदले उच्चतर पदों पर कार्य करने के लिए किसी भी प्रकार का आर्थिक लाभ लेने की वरिष्ठ वेतनमान का लाभ या वरिष्ठता नहीं दी जाएगी |

आखिर क्यों हुआ मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम में संशोधन

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा सेवा भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2016 में स्थापन आधार पर उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति प्रदान करने के संबंध में संशोधन 20 दिसंबर 2020 को किया गया है |

आप भी यही सोच रहे होंगे कि जब उच्चतर पदों पर कार्य करने के बाद भी किसी भी प्रकार के उच्चतम रैंक अथवा वरिष्ठता का लाभ संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को नहीं मिलना है तो फिर इस संशोधन का क्या मतलब ?

तो चलिए समझते हैं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति देने वाले इस संशोधन के बारे में

वास्तविकता में उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति देने के इस संशोधन को सीधे तौर पर सरकार द्वारा अपने वित्तीय भार को बचाने के लिए किया गया है | उच्चतर पद पर स्थापन आधार पर कार्य करने की अनुमति का यह नियम बनाने के बाद अब यदि कोई भी अधिकारी कर्मचारी प्रमोशन चाहता है तो उसे पहले स्थापन आधार पर उच्चतर पद पर कार्य करना अनिवार्य होगा अन्यथा की स्थिति में प्रमोशन पर मिलने वाले व्यक्ति तथा वरिष्ठता के लाभ संबंधित अधिकारी कर्मचारी को प्राप्त नहीं होंगे|

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति के नियमों में संशोधन का बड़ा कारण यही है कि अब प्रमोशन करने पर सीधे उच्चतर रिंकिया वरिष्ठता का दावा संबंधित अधिकारी कर्मचारी द्वारा नहीं किया जा सकेगा इसके साथ ही चित्र पद पर पदोन्नति अधिकारी द्वारा पहले उच्चतर पद पर स्थापन आधार पर कार्य करना अनिवार्य होगा |

यानी सीधे शब्दों में बात करें तो ,प्रमोशन के लिए वही अधिकारी कर्मचारी पात्र होंगे जो की वरिष्ठता सह उपयुक्तता के आधार पर पहले स्थापन आधार पर कार्य करें|

अर्थात अब किसी भी अधिकारी कर्मचारी को पदोन्नति पाने से पहले उस पद के लिए स्थानापन्न Officiate आधार पर कार्य करने की अनुमति दी जाएगी एवं वह इसके लिए पात्र होता है तथा स्थापन आधार पर कार्य करता है तभी उसे पदोन्नति पर मिलने वाले आर्थिक लाभ एवं वरिष्ठता का लाभ प्राप्त होगा

पुलिस विभाग में लागू किया जा चुका है Officiating Promotion फार्मूला

बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा कर्मचारियों अधिकारियों को प्रमोशन देने के लिए स्थापना आधार पर उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति याने कि Officiating Promotion का यह फार्मूला मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लागू किया जा चुका है जिसके चलते मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा 9 फरवरी 2021 को राजपत्र में मध्य प्रदेश पुलिस रेगुलेशन में संशोधन करते हुए उच्चतर पद पर स्थापन रूप से कार्य करने हेतु नियुक्ति का प्रावधान किया गया है|

मध्य प्रदेश गृह विभाग द्वारा पुलिस अधिकारी कर्मचारियों के लिए स्थापना आधार पर प्रमोशन का रास्ता अपनाते हुए हजारों पुलिसकर्मियों को उच्चतर पद का प्रभार दिया गया है जिसे स्थापन आधार पर प्रमोशन कहा गया है, लेकिन उन्हें अभी तक उस उच्चतर पद पर कार्य करने के लिए किसी भी प्रकार का अन्य आर्थिक लाभ उच्चतर रैंक या वरिष्ठता नहीं दी गई है |

स्थानापन्न प्रमोशन पर आपके सवाल हमारे जवाब

स्थानापन्न प्रमोशन से क्या आशय हैं ?

स्थानापन्न आधार पर प्रमोशन वास्तविकता में प्रमोशन नहीं है बल्कि यह उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति प्रदान करता है | यह वास्तविक प्रमोशन नहीं है बल्कि जब भी किसी सेवा में कोई पद रिक्त होता है तो उस पद का भार उस से कनिष्ठ श्रेणी में कार्यरत किसी कर्मचारी को उस पर स्थानापन्न रुप से काम करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस का यह अर्थ नहीं है कि उस व्यक्ति की पदोन्नति कर दी गई है। यह एक कामचलाऊ प्रबंध होता है।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति नियमों में संशोधन करने का क्या आशय है ?

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग पदोन्नति नियम 2016 में संशोधन करते हुए स्थानापन्न रूप से किसी लोक सेवक को उच्चतर पद पर कार्य करने की योग्यता एवं वरिष्ठता के आधार पर उस उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति प्रदान करने के अधिकार संबंधित नियुक्त प्राधिकारी को दिए गए हैं |
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पदोन्नति नियमों में संशोधन से स्पष्ट है कि अब स्कूल शिक्षा विभाग में पदोन्नति के लिए पहले स्थानापन्न रूप से कार्य करना अनिवार्य होगा |

क्या स्थानापन्न रूप से प्रमोशन पर उच्चतर पद का वेतन एवं वरिष्ठता मिलेगा ?

जी नहीं स्थानापन्न रूप से प्रमोशन पर आपको केवल उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति प्राप्त होगी इसमें आप या कोई लोकसेवक उस उच्चतर पद के विरुद्ध उच्चतर रैंक अथवा वरिष्ठता की मांग नहीं कर सकता है|
इस बात का उल्लेख मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य एवं अधीनस्थ शिक्षा सेवा शाला शाखा भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2016 में किए गए संशोधन में किया गया है|

स्थानापन्न रुप से प्रमोशन कैसे मिलेगा ?

स्थानापन्न रूप से प्रमोशन अर्थात उच्चतर पद का कार्यभार प्राप्त करने के लिए आपके पास उच्च पद के लिए आवश्यक योग्यता ,वरिष्ठता होना चाहिए |
स्थानापन्न रूप से उच्चतर पद का कार्यभार देने के अधिकार संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी को दिए गए हैं | अर्थात आपकी नियत प्राधिकारी आपको उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति प्रदान कर सकेंगे |
इसके लिए वरिष्ठता सूची जारी की जा रही है जिसके आधार पर ही स्थानापन्न रूप से उच्चतर पद पर कार्य करने की अनुमति अर्थात प्रमोशन के आदेश जारी किए जाएंगे|

क्या स्थानापन्न रूप से प्रमोशन लेना अनिवार्य है ?

जी हां मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियम 2016 में संशोधन किया है जिसके अनुसार अब उच्चतर पद का वेतनमान प्राप्त करने के लिए या प्रमोशन प्राप्त करने के लिए स्थानापन्न रूप से कार्य करना अनिवार्य रहेगा |

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