education

बड़ी खबर! नई शिक्षा नीति: अब 6 साल की उम्र से कक्षा 1 में प्रवेश नहीं, शिक्षा मंत्रालय ने जारी किए निर्देश

नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं कि अब कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल होगी। इसका मतलब है कि 6 साल से कम उम्र के बच्चे अब कक्षा 1 में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।

यह निर्देश 2024-25 के शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह फैसला बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

Img 20240226 wa0002241544920618651454
बड़ी खबर! नई शिक्षा नीति: अब 6 साल की उम्र से कक्षा 1 में प्रवेश नहीं, शिक्षा मंत्रालय ने जारी किए निर्देश 10

नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 साल निर्धारित की गई है। इसका मतलब है कि अब 6 साल से कम उम्र के बच्चे कक्षा 1 में प्रवेश नहीं ले सकेंगे। यह फैसला शिक्षा मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को भेजे गए पत्र के माध्यम से लिया गया है।

पत्र में कहा गया है:

  • एनईपी और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत यह फैसला लिया गया है।
  • सभी राज्यों को 2024-25 के शैक्षणिक सत्र से इस नियम को लागू करना होगा।
  • 6 साल से कम उम्र के बच्चों को आंगनवाड़ी या पूर्व-विद्यालय में भेजा जाएगा।
  • इन बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी।
  • एनईपी 2020 के तहत, 5+3+3+4 स्कूल प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के तहत, पहले पांच वर्षों में तीन वर्ष प्री-स्कूल और दो वर्ष कक्षा 1 और 2 के लिए होंगे।
  • शिक्षा मंत्रालय का कहना है कि 6 साल से कम उम्र के बच्चों को आंगनवाड़ी या पूर्व-विद्यालय में भेजा जाएगा। इन बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी।

इस फैसले के पीछे मुख्य कारण:

  • 6 साल से कम उम्र के बच्चों का मस्तिष्क पूरी तरह से विकसित नहीं होता है।
  • इस उम्र में बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देना ज्यादा फायदेमंद होता है।
  • आंगनवाड़ी और पूर्व-विद्यालय में बच्चों को सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए बेहतर माहौल मिलता है।

यह फैसला शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, इस फैसले से:

  • आंगनवाड़ी और पूर्व-विद्यालयों की महत्वता बढ़ेगी।
  • इन संस्थाओं में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
  • शिक्षकों को एनईपी के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यह फैसला शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद है और शिक्षा का स्तर भी बढ़ेगा।

अधिक जानकारी के लिए:

शुभकामनाएं!

Join whatsapp for latest update

Join telegram
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Please Close Ad Blocker

हमारी साइट पर विज्ञापन दिखाने की अनुमति दें लगता है कि आप विज्ञापन रोकने वाला सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर रहे हैं. कृपया इसे बंद करें|