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🌟 Mp Patwari Exam Breaking News 🌟 पटवारी भर्ती 2023 पर रोक : विरोध के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने लिया फैसला, सीएम बोले : सेंटर के रिजल्ट की फिर से होगी जांच

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मप्र में इन दिनों पटवारी चयन परीक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बसपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक संजीव सिंह कुशवाह के कॉलेज में हुई पटवारी चयन परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इस मामले में पूर्व सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह ने भी गड़बड़ी के आरोप लगाए। लगातार इस परीक्षा को लेकर विपक्ष के हमलों के बाद अब सरकार की ओर जवाब आया है। मप्र सरकार के प्रवक्ता और प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पर्चियों पर नौकरियां देने वाले लोग विश्व की आधुनिकतम परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोप के बाद सरकार ने इस परीक्षा के आधार पर पटवारियों की नई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। सीएम शिवराज सिंह ने इस बात की जानकारी दी है।

सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि कर्मचारी चयन मंडल की समूह 2 उप समूह 4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परीक्षा परिणाम में एक सेंटर के रिजल्ट पर संदेह जताया जा रहा है। इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां अभी रोक रहा हूं। सेंटर के परिणाम का फिर से परीक्षण किया जाएगा।

सीएम शिवराज ने पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर ये ट्वीट किया।

सीएम शिवराज ने पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर ये ट्वीट किया।

अपर मुख्य सचिव मलय श्रीवास्तव ने इस फैसले के पहले कर्मचारी चयन मंडल के दफ्तर में बैठक की। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों और उठ रहे सवालों को लेकर चर्चा की।

कांग्रेस ने कहा CBI जांच के कम मंजूर नहीं

पटवारियों की नई नियुक्तियों पर रोक के सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाएं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि अब खुद सीएम शिवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाला हुआ है, इसीलिए नियुक्ति तत्काल रोक दी है। उन्होंने कहा कि जब तक वास्तविक चेहरे बेनकाब नहीं होंगे हम चुप नहीं रहेंगें ।

अरुण यादव ने कहा कि जब तक वास्तविक चेहरे बेनकाब नहीं होंगे, हम चुप नहीं बैठेंगे। पटवारियों की नई नियुक्तियों पर रोक के सरकार के फैसले पर कांग्रेस ने कहा है कि पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराई जाएं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि अब खुद सीएम शिवराज सिंह ने स्वीकार किया है कि पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाला हुआ है, इसीलिए नियुक्ति तत्काल रोक दी है। उन्होंने कहा कि जब तक वास्तविक चेहरे बेनकाब नहीं होंगे हम चुप नहीं रहेंगें ।

अरुण यादव ने कहा कि जब तक वास्तविक चेहरे बेनकाब नहीं होंगे, हम चुप नहीं बैठेंगे।

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भाजपा विधायक के कॉलेज के सेंटर से टॉप-10 में 7 उम्मीदवार

पटवारी भर्ती परीक्षा के रिजल्ट में टॉप-10 की लिस्ट में से 7 उम्मीदवारों ने ग्वालियर के जिस केंद्र में परीक्षा दी, वह ​भिंड के भाजपा विधायक संजीव कुशवाहा का है। इस सेंटर से 114 लोगों का चयन हुआ है। विधायक के सेंटर से 7 टॉपर होने पर उम्मीदवारों ने परीक्षा रद्द करने की मांग की है।

टॉप-10 में शामिल इन सातों उम्मीदवारों का सेंटर ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में था। इन उम्मीदवारों के रोल नंबर की सीरीज भी एक जैसे शुरुआती अंक ‘2488’ से हुई। इन सात में 5 उम्मीदवारों के हस्ताक्षर हिंदी में हैं। हस्ताक्षर में भी सिर्फ नाम लिखा गया है। किसी तरह की बनावट नहीं है। इसके बाद फर्जीवाड़े के आरोप बढ़ गए हैं। इन 7 टॉपर्स ने कुल 200 अंक में से 174.88 से 183.36 तक प्राप्त किए हैं। यह अंक नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद फाइनल रिजल्ट में मिले हैं।

अभ्यर्थियों ने प्रदेशभर में किया प्रदर्शन

इससे पहले मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा समेत अन्य भर्ती में धांधली के खिलाफ भोपाल और इंदौर समेत पूरे प्रदेश में स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए हैं। इंदौर में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने दोपहर करीब 12.30 बजे कलेक्टर ऑफिस का घेराव कर दिया। भोपाल में भी कर्मचारी चयन मंडल के सामने बड़ी संख्या में पटवारी अभ्यर्थी जुटे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में जांच नहीं हुई, तो एक सप्ताह बाद भोपाल के जंबूरी मैदान पर आंदोलन करेंगे।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले में कहा कि सरकार जांच से क्यों कतरा रही है, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा विद्यार्थियों से उनका हक और युवाओं से रोजगार की चोरी कर रही है।

इंदौर में 3 घंटे तक सड़क पर बैठे रहे प्रदर्शनकारी

इंदौर में प्रदर्शनकारी छात्र तीन घंटे तक सड़क पर ही बैठे रहे। घेराबंदी के चलते कलेक्टर ऑफिस इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। जाम लग गया। एसडीएम अंशुल खरे ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर को बुलाने पर अड़ गए। आखिरकार कलेक्टर इलैया राजा टी को ज्ञापन दिया।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है यदि पटवारी भर्ती में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच नहीं हुई तो अगली बार सीएम हाउस का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि कानून बनाकर पेपर लीक के दोषी को उम्रकैद की सजा कराई जाए।

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर ऑफिस के गेट पर ‘रघुपति राघव राजा राम’ भजन गाया । बोले-कलेक्टर से मिलने के लिए इंतजार करेंगे। जब तक नहीं आएंगे कलेक्टर तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी। यहीं बैठे रहेंगे। हम बैरिकेड के बाहर ही रहेंगे, किसी तरह का उपद्रव नहीं करेंगे, लेकिन कोई सुनने तो आए। हालांकि दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट के सामने की सड़क पूरी तरह खाली हो गई। प्रदर्शनकारी आश्वासन के बाद चेतावनी देकर लौट गए हैं। ​​​​​​नेत़ृत्व कर रहे ​राधे जाट ने बताया कि ईमानदारों पर ही कार्रवाई होती है, इस सरकार में भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

अरुण यादव ने 10 सवालों के जरिए पटवारी परीक्षा पर उठाए सवाल
बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष केके मिश्रा ने संयुक्त रुप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में हाल ही में ग्रुप-2, सब ग्रुप-4, पटवारी एवं अन्य पदों के लिए हुई परीक्षा में भाजपा नेताओं के निर्देश एवं देखरेख में जमकर धांधली हुई है, जिससे काबिल युवक-युवतियां चयनित होने के बजाय, भाजपा जिन्हें चाहती थी, उन्हें चयनित करवाया गया एवं मध्य प्रदेश फिर एक बार अपनी व्यापमं व्यवस्था के तहत काबिल युवाओं की भर्ती से महरूम रह गया।

अरुण यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटवारी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इससे पहले मध्यप्रदेश में पटवारी भर्ती परीक्षा समेत अन्य भर्ती में धांधली के खिलाफ भोपाल और इंदौर समेत पूरे प्रदेश में स्टूडेंट्स सड़क पर उतर आए हैं। इंदौर में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने दोपहर करीब 12. 30 बजे कलेक्टर ऑफिस का घेराव कर दिया। भोपाल में भी कर्मचारी चयन मंडल के सामने बड़ी संख्या में पटवारी अभ्यर्थी जुटे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में जांच नहीं हुई, तो एक सप्ताह बाद भोपाल के जंबूरी मैदान पर आंदोलन करेंगे।

कांग्रेसी नेता अरुण यादव पटवारी भर्ती पर दस सवाल

अरुण यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पटवारी परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

  • प्रश्न-1: टॉप 10 में से 8 चयन युवक ग्वालियर-चंबल संभाग से हैं, जिनमे से 7 का सेंटर एक ही कॉलेज में था, उस कॉलेज का नाम एनआरआई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट है। ऐसा कैसे हुआ? उल्लेखनीय है कि उक्त कॉलेज भाजपा विधायक संजीव सिंह का है।
  • प्रश्न-2: अधिकतर टॉपर्स की एक बात समान है कि उन्होंने अपने हस्ताक्षर हिंदी में किए है और वो भी स्पष्ट रूप से अपना नाम लिखा है, जबकि नए छात्र-छात्राओं में से ज्यादातर हिंदी में नाम वाले हस्ताक्षर नहीं करते, खासकर वो जिनके अंग्रेजी में नंबर अच्छे बताए गए है, ऐसा लगता है की ये सोची समझी रणनीति के तहत किए गए है, ताकि कोई अन्य व्यक्ति या सॉल्वर इतने सरल हस्ताक्षर आसानी से कर सके और परीक्षा दे सके। इन युवाओं ने हिंदी में हस्ताक्षर क्यों किए?
  • प्रश्न-3: एक ही परीक्षा केंद्र से इतने टॉपर्स निकले है, किंतु मीडिया में किसी टॉपर ने ना तो इंटरव्यू दिया और उनका न ही किसी कोचिंग सेंटर में उनका नाम आया कि वे किसी खास कोचिंग से पढ़े है। क्या उन्हें मीडिया से बात करने से रोका गया?
  • प्रश्न-4: हर शिफ्ट के 3-4 सही प्रश्नों को डिलीट किया गया है, जबकि उनके उत्तर एकदम सही हैं। ऐसा क्यों?
  • प्रश्न-5: नॉर्मलाइजेशन की पूरी प्रक्रिया संदेह के दायरे में है, क्योंकि एक ही शिफ्ट के अंक के कम या ज्यादा होने में भी समानता नहीं है। ऐसा कैसे संभव है?
  • प्रश्न-6: इस एक कालेज एनआरआई से चयन का प्रतिशत दिल्ली के मुखर्जी नगर में जो संस्थान आईएएस की कोचिंग पढ़ाते हैं, उन संस्थानों से भी ज्यादा कैसे है?
  • प्रश्न-7: एक चयनित युवती जिसकी अंकसूची आपके साथ साझा है, इन्होंने जब फॉर्म भरा तो शरीर पर निशान के कॉलम में अंग्रेजी में लिखा है: बनज वद उंता दवेम जबकि सही अंग्रेजी होना चाहिए: बनज उंता वद दवेमण् भाजपा जवाब दे कि इन्हे अंग्रेजी में शत प्रतिशत अंक नही मिले हैं? क्योंकि इनका अंग्रेजी का ज्ञान तो इनके फॉर्म भरते समय ही पता चल गया?
  • प्रश्न-8: मोदी जी मप्र की धरती पर गारंटी दे रहे थे, मगर शिवराज जी तो इधर व्यापमं घोटाले की गारंटी हैं, कृषि विस्तार अधिकारी घोटाले की गारंटी हैं, शिक्षक भर्ती घोटाले की गारंटी हैं, 220 माह में 220 घोटाले करके कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।
  • जब मैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष था, तब विधानसभा को घोटालों की लिस्ट मय सबूतों के सौंपी थी, आज दिनांक तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई?
  • प्रश्न-9: इस भर्ती परीक्षा में बड़ा अजीब मामला आया है कि एक सवाल था कि नर्मदा का उद्गम स्थल कहाँ से है, व्यापमं के अपनी आंसर शीट में भोपाल का चयन किया था जबकि उसका सही उत्तर आपको भी पता है कि अनूपपुर है। मगर टॉपर छात्रों ने भोपाल को सिलेक्ट किया था, अभ्यर्थियों ने जब आपत्ति जताई तब जाकर उस सवाल को हटाया गया, क्यों?
  • प्रश्न-10: एक बड़ा बिंदु निकलकर सामने आ रहा है कि एक अभ्यर्थी पूजा शर्मा के 185 नंबर आये हैं, जबकि व्यापमं ने ही 11 सवाल गलत होने की वजह से हटाए थे, तो इसका मतलब स्वतः 15 नंबर खुद कम हो जाते हैं, परीक्षा फिर 185 नंबर की बची थी, अब क्या कोई अभ्यर्थी 185 में से 185 नंबर किसी कंपीटिटिव एग्जाम में लेकर आ सकता है? साथ ही एप्लाइड प्रेफरेंस में 150 कोड में से चयन करना होता है तो उसमें भी स्टार्टिंग के 2 प्रेफरेंस 153-154 कैसे हो सकते हैं। यह सब फर्जीवाड़े के फॉर्म भी एक जगह से भरे गए हैं और सेंटर भी एक ही दिया गया है।

कांग्रेस बोली- व्यापमं घोटाले की एक सीरीज और जुड़ गई

इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्‌ढा ने इस मामले में कहा कि भाजपा के शासन काल में मप्र के व्यापमं घोटाले में एक सीरीज और जुड़ गई। स्टूडेंट्स का कहना है कि यह ऑनलाइन घोटाला है जिसके आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। लाखों बच्चों ने परीक्षा दी है और 1200 रु. से 1500 रु. प्रति परीक्षार्थी से फीस ली गई है। यह 500 से 600 करोड़ रु. का घोटाला है। भाजपा के विधायक अजब सिंह कुशवाह जिनके एनआरआई कॉलेज के 10 में से 7 ने टॉप किया है, उन्हें 100% नंबर आए हैं यह कैसे संभव है। ऐसा लगता है कि उन्हें जैसे पेपर ही दे दिया गया था। इसकी सीबीआई से जांच होना चाहिए।

कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान हाथों में कुछ ऐसे पोस्टर लिए नजर आए युवा। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्‌ढा ने इस मामले में कहा कि भाजपा के शासन काल में मप्र के व्यापमं घोटाले में एक सीरीज और जुड़ गई। स्टूडेंट्स का कहना है कि यह ऑनलाइन घोटाला है जिसके आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। लाखों बच्चों ने परीक्षा दी है और 1200 रु. से 1500 रु. प्रति परीक्षार्थी से फीस ली गई है। यह 500 से 600 करोड़ रु. का घोटाला है। भाजपा के विधायक अजब सिंह कुशवाह जिनके एनआरआई कॉलेज के 10 में से 7 ने टॉप किया है, उन्हें 100% नंबर आए हैं यह कैसे संभव है। ऐसा लगता है कि उन्हें जैसे पेपर ही दे दिया गया था। इसकी सीबीआई से जांच होना चाहिए।

कलेक्टर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान हाथों में कुछ ऐसे पोस्टर लिए नजर आए युवा।

छात्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में दावा किया है कि व्यापमं द्वारा पटवारी ग्रुप-2, सबग्रुप-4 एग्जाम की जो टॉप टेन लिस्ट बनाई है, उनमें से सात कैंडिडेट ग्वालियर के एक ही कॉलेज से हैं। इन टॉपर्स की आंसर-की देखने पर पता चला है कि इन्होंने अपने परीक्षा फॉर्म में साइन अंग्रेजी में किए थे, जबकि इन लोगों को अंग्रेजी विषय के पेपर में 25 में से 25 नंबर दिए गए हैं। इनमें से कुछ छात्र तो ऐसे हैं जिन्होंने पहली ही बार में एग्जाम में टॉप किया है।

प्रियंका गांधी बोलीं, सरकार जांच कराने से क्यों कतरा रही

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मध्यप्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट में कहा, मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के शासन में एक बार फिर भर्ती में घोटाले की खबरें आ रही हैं। नौकरियों के लिए पदों की लाखों रुपए में बोली लगाए जाने की खबरें हैं। सरकार जांच कराने से क्यों कतरा रही है? भर्ती घोटालों से जुड़े होने के आरोप में भाजपा नेताओं का नाम ही क्यों सामने आता है? नौकरी के लिए भर्तियों में केवल घोटाले ही घोटाले हैं। भाजपा सरकार लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में क्यों डाल रही है?

राहल गांधी ने कहा- MP में भाजपा ने युवाओं से बस चोरी की

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार को घेरा। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी मध्यप्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट में कहा, मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के शासन में एक बार फिर भर्ती में घोटाले की खबरें आ रही हैं। नौकरियों के लिए पदों की लाखों रुपए में बोली लगाए जाने की खबरें हैं। सरकार जांच कराने से क्यों कतरा रही है? भर्ती घोटालों से जुड़े होने के आरोप में भाजपा नेताओं का नाम ही क्यों सामने आता है? नौकरी के लिए भर्तियों में केवल घोटाले ही घोटाले हैं। भाजपा सरकार लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में क्यों डाल रही है?

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार को घेरा।

भोपाल में 400 से ज्यादा अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

भोपाल में भी कर्मचारी चयन मंडल के सामने बड़ी संख्या में पटवारी अभ्यर्थी जमा हुए। पटवारी परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए 400 से ज्यादा अभ्यर्थी दफ्तर के गेट पर बैठ गए। मध्यप्रदेश बेरोजगार संघ के वाइस प्रेसिडेंट अजय पांडे ने कहा, 2017 के बाद से लगातार समस्याएं हो रही हैं। हमने शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्टर को आवेदन दिया है। सात दिन का समय दिया है। अगर इस मामले में जांच नहीं हुई, तो हम एक सप्ताह बाद जंबूरी मैदान पर आंदोलन करेंगे। हम भोपाल से दिल्ली तक जाएंगे।

भोपाल में कर्मचारी चयन मंडल के सामने बड़ी संख्या में पटवारी अभ्यर्थी जमा हुए। सात दिन का समय दिया है। अगर जांच नहीं हुई, तो जंबूरी मैदान पर आंदोलन करेंगे।

भोपाल में कर्मचारी चयन मंडल के सामने बड़ी संख्या में पटवारी अभ्यर्थी जमा हुए। सात दिन का समय दिया है। अगर जांच नहीं हुई, तो जंबूरी मैदान पर आंदोलन करेंगे।

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प्रदर्शनकारी छात्र बोले- व्यापमं की आंसर-की स्टूडेंट्स को पहले मिल गई थी

इंदौर में प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने बताया ऐसी महिला कैंडिडेट जिन्होंने पटवारी के पद पर जॉइनिंग दी है, जबकि उनके सर्वाधिक नंबर होने से वे पटवारी से भी ऊपर के पद के लिए पात्र हैं। परीक्षा में उत्तर देते समय इन्होंने सिर्फ वे ही ऑप्शन चुने जो व्यापमं द्वारा गलती से कुछ प्रश्नों के उत्तर में दे दिए थे। इससे ऐसा लगता है कि इन कैंडिडेट को व्यापमं द्वारा जारी आंसर शीट पहले ही मिल गई थी। इनके अलावा और भी कुछ बातें ऐसी हैं, जिनसे समय में आता है कि ग्वालियर के एनआरआई कॉलेज में पटवारी भर्ती परीक्षा के पेपर लीक किए गए हैं।

इंदौर में हजारों की संख्या में पहुंचे स्टूडेंट्स ने किया कलेक्टर ऑफिस का घेराव।

इंदौर में हजारों की संख्या में पहुंचे स्टूडेंट्स ने किया कलेक्टर ऑफिस का घेराव।

ये हैं प्रमुख मांगें…

  • पूरी परीक्षा की सीबीआई जांच हो
  • सभी दस टॉपर्स की पूरी वीडियो ग्राफी, जिसमें उनका रिस्पॉन्स टाइम पता चलता हो, जारी किया जाए।
  • सभी दस टॉपर्स का सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में मीडिया ट्रायल कराया जाए।
  • सभी जांच समय सीमा में दस दिन में पूरी की जाए।
  • जांच पूरी होने तक डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन और पोस्टिंग की प्रक्रिया को लंबित रखा जाए।
  • आगामी सभी परीक्षाओं को ऑफलाइन मोड़ में कराया जाए।
  • दिव्यांग कोटे में पात्रता के लिए कई कैंडिडेट फर्जी प्रमाण-पत्र बनवा रहे हैं। उनकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
  • पेपर लीक के खिलाफ कानून बनाकर दोषियों को उम्र कैद की सजा दी जाए।
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इंदौर में ये बोले स्टूडेंट्स

रुचि कटारे ने कहा कि पटवारी भर्ती में हुए फर्जीवाडा को लेकर हम आंदोलन कर रहे हैं। इसमें एक संस्था से 10 परीक्षार्थी टॉप पर निकले हैं। जो बच्चे पढ़ाई गंभीरता से पढ़ाई करके निकले हैं उनके मार्क्स बहुत कम आए हैं और जो नहीं पढ़े हैं उनके मार्क्स ज्यादा हैं। उनके सिग्नेचर भी मैच नहीं हो रहे हैं। यह भर्ती खारिज कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए।

गोल्डी यादव ने बताया कि पटवारी के अलावा जेल प्रहरी, कृषि यांत्रिकी की भर्ती में भी काफी फर्जीवाड़ा हुआ है। उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उस सॉफ्टवेयर कंपनी पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिसे अन्य राज्यों ने बैन करके रखा है। कंपनी ने ये पेपर दूसरे कंपनी को कैसे दे दिए। जो भी लोग इसमें लिप्त हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कॉलेज राजसात करके वहां बुलडोजर चलाया जाए।

दमोह से आईं शांति यादव ने बताया मामला सिर्फ पटवारी भर्ती का नहीं है बल्कि पुलिस और संविदा वर्ग को लेकर भी है। पटवारी परीक्षा में किसी के नंबर 126 हैं, उसके 53 कैसे हो सकते हैं। तीन-चार नंबर कम ज्यादा हो सकते हैं लेकिन इतने नंबर कैसे हो सकते हैं। सरकार की यह प्रक्रिया समझ से परे है।

तस्वीरों में प्रदेश में प्रदर्शन…

नर्मदापुरम में भी पटवारी भर्ती के अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपा।

नर्मदापुरम में भी पटवारी भर्ती के अभ्यर्थियों ने ज्ञापन सौंपा।

गुना में भी पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।

गुना में भी पटवारी भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।

नर्मदापुरम : अभ्यर्थी बोले- एक ही सेंटर से इतने टॉपर आए, ये घोटाला है

नर्मदापुरम में कलेक्टोरेट गेट के सामने सैकड़ों अभ्यर्थियों ने नारेबाजी की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन गया। अभ्यर्थियों ने कहा पिछ्ले दिनों पटवारी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी हुआ, लेकिन टॉप 10 को लिस्ट जारी नहीं की गई। बाद में जब अभ्यर्थियों और शिक्षकों के दबाव बनाने पर टॉप 10 को लिस्ट जारी की। जिसमें 10 में से 7 अभ्यर्थी एक ही सेंटर से चयनित हुए इनमें से टॉप करने वाले ज्यादातर स्टूडेंट ने जहां अपने हस्ताक्षर हिंदी में किए हैं, वहीं उनके अंक देखे जाएं तो किसी रिकॉर्ड से कम नहीं।

पटवारी भर्ती परीक्षा में इस बार सिलेबस भी बदल गया था, इसलिए तैयारी करने वाले छात्रों के बहुत मेहनत करने के बावजूद 140-150 नंबर लाना मुश्किल हो गए, तो एक ही सेंटर से इतने टॉपर निकलना किसी बड़े घोटाले की ओर संकेत करते है।

कांग्रेस का आरोप पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली हुई

पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बसपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक संजीव सिंह कुशवाह के कॉलेज में हुई पटवारी चयन परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इधर, गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पर्चियों पर नौकरियां देने वाले लोग विश्व की आधुनिकतम परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

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Source
Dainik Bhaskar
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