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💥Big Breaking 💥 शिक्षिका को ट्रांसफर आवेदन सीधे मुख्यमंत्री को भेजना पड़ा महंगा , रोकी गई एक वार्षिक वेतन वृद्धि, जानिए कब लागू होगी ट्रांसफर नीति 2022

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक शिक्षिका को अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन सीधे मुख्यमंत्री को भेजने पर कार्रवाई की गई है। आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग स्थानांतरण को लेकर काफी शिक्षक शिक्षिकाएं परेशान हैं।

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक शिक्षिका को अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन सीधे मुख्यमंत्री को भेजने पर कार्रवाई की गई है। आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग स्थानांतरण को लेकर काफी शिक्षक शिक्षिकाएं परेशान हैं।
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इसी बीच टीकमगढ़ जिले की एक शिक्षिका द्वारा अपने ट्रांसफर के लिए आवेदन सीधे मुख्यमंत्री को भेजना महंगा पड़ गया। विभाग द्वारा उनके इस कृत्य को कदाचार की श्रेणी में मानते हुए तत्काल प्रभाव से वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए गए।

डीपीआई के निर्देश पर हुई कार्रवाई

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी टीकमगढ़ को दिए गए निर्देश के मुताबिक शिक्षिका द्वारा अपने स्थानांतरण के लिए सीधे आवेदन माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। डीपीआई द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विभाग में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को नियमानुसार आवेदन करना चाहिए लेकिन संबंधित शिक्षिका द्वारा सीधे आवेदन मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया है जो कि विभागीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।

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15 मई से शुरू होना थे ट्रांसफर, लागू नहीं हुई ट्रांसफर नीति

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य समस्त विभागों के ट्रांसफर को लेकर स्थानांतरण पालिसी 2022 जारी होना थी। इसके लिए बकायदा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 15 मई 2022 की तारीख भी निर्धारित कर दी गई थी। यानी कि 15 मई से स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में ट्रांसफर प्रक्रिया नई पालिसी के तहत होना थी। लेकिन ऐन वक्त पर पंचायत एवं नगरी निकाय चुनाव का डंका बजने के कारण अब ट्रांसफर पालिसी का मामला फिर से खटाई में पड़ गया है।

बिना स्थानांतरण नीति लागू हुए शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में शुरू हुए ट्रांसफर

एक तरफ जहां मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग सहित अन्य विभाग द्वारा ट्रांसफर पालिसी 2022 लागू नहीं की गई एवं नाही ट्रांसफर से प्रतिबंध हटाने संबंधी दिशा निर्देश जारी किए गए। वही स्कूल शिक्षा विभाग में धड़ल्ले से ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में अभी तक सैकड़ों ट्रांसफर आदेश जारी हो चुके हैं। यह ट्रांसफर आदेश सीधे स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के हस्ताक्षर से जारी हो रहे हैं। सूत्रों की माने तो वर्तमान में हो रहे ट्रांसफर आदेश पिछले वर्ष के मुख्यमंत्री समन्वय में लंबित प्रकरणों के हैं।

शिक्षक एवं कर्मचारियों में स्थानांतरण पालिसी का बेसब्री से इंतजार

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग के लाखों कर्मचारियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों में अब ट्रांसफर पालिसी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पंचायत चुनाव में भी चुनाव की हलचल तेज होने के बाद आप ट्रांसफर पालिसी का लागू होना मुश्किल लग रहा है।

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वहीं सुप्रीम कोर्ट एवं राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप ऐसे अधिकारी कर्मचारी जो तीन या अधिक वर्षों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं उन्हें प्रशासनिक स्थानांतरण किया जाना अनिवार्य है। निर्वाचन प्रक्रिया को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अब ऐसे अधिकारी कर्मचारियों की सूची भी तलब की जा चुकी है एवं इनके ट्रांसफर आदेश भी जारी होना शुरू हो चुके हैं।

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