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Career After 12th करिअर दिशा: छोटा भीम, डोरेमोन, जंगल बुक जैसी एनिमेशन स्टोरी पर दिखाएं अपना हुनर, 12वीं के बाद मिलेगा मौका, शुरुआत में 15 हजार मिलेगी सैलरी

भारत में एनिमेशन का बड़ा बाजार - Dainik Bhaskar

भारत में एनिमेशन का बड़ा बाजार

पिछले कुछ वर्षों के दौरान एनिमेशन के क्षेत्र में तमाम संभावनाएं पैदा हुई हैं। एनिमेशन रचनात्मकता पर आधारित क्षेत्र है। यह रचनात्मकता ललित कला, स्केचिंग आदि पर निर्भर करती है, इसलिए इसमें वही लोग करिअर बना सकते हैं, जो क्रिएटिव हों और जिनका प्रेजेंटेशन अच्छा हो। घंटों एक ही प्रोजेक्ट पर लगातार काम करने तथा कुछ नया गढ़ने की लालसा इस क्षेत्र में सफल बना सकती है।

टीवी, पत्रिका, अखबार, होर्डिंग, कंप्यूटर आदि सभी मल्टीमीडिया के सहारे चल रहे हैं। इसी से सबंधित एनिमेशन भी विकास कर रहा है। भारत में एनिमेशन का बड़ा बाजार स्थापित हो चुका है। आने वाले 6-7 वर्षों में करीब 70 फीसदी जॉब मल्टीमीडिया से होंगे, इसलिए युवाओं को इस दिशा में जरूर सोचना चाहिए।

12वीं के बाद कर सकेंगे कोर्स

एनिमेशन कोर्स के लिए कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। उसके बाद ग्रेजुएशन या डिप्लोमा कोर्स में दाखिला मिलता है। आर्ट साइड वाले स्टूडेंट भी इसमें दाखिला ले सकते हैं। वास्तविकता यह है कि आर्ट की जानकारी रखने वाले छात्रों को कई सम्यक सहायता मिलती है। परास्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश तभी मिल पाता है, जब छात्र के पास स्नातक की डिग्री हो।

हुनर

इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए छात्र को रंग, आकार व अनुपात की अच्छी समझ होनी चाहिए। एक एनिमेटर को लेखक, वॉयस ओवर एक्टर, साउंड टेक्नीशियन व म्यूजिक कंपोजर के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है।

सर्टिफिकेट से लेकर डिग्री तक के कोर्स हैं मौजूद

एनिमेशन से संबंधित स्नातक, परास्नातक डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा व सर्टिफिकेट स्तर पर कई तरह के पाठ्यक्रम मौजूद है। इनमें एनिमेशन आर्ट, ग्राफिक व एनिमेशन प्रिंसिपल, प्रोडक्शन प्रोसेस, कैरेक्टर डिजाइन, 2डी व 3डी एनिमेशन, विजुअल कम्युनिकेशन आदि की जानकारी दी जाती है।

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15 हजार रुपए से शुरू हो जाती है सैलरी

अधिकांश कंपनियां एनिमेटरों को ग्रेड, जैसे पी-1, पी-2, पी-3, पी-4 और पी-5 के आधार पर वेतन देती हैं। इनमें नए आने वाले युवाओं को पी-5 ग्रेड का एनिमेटर माना जाता है। इस स्तर पर उन्हें 12-15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। दो साल का अनुभव होने पर वह टीम लीडर तथा पांच साल का अनुभव होने के पश्चात सुपरवाइजर बन जाता है। टीम लीडर के रूप में उसे 20-25 हजार जबकि सुपरवाइजर के रूप में 40-45 हजार प्रतिमाह मिलते है। फ्रीलांसिंग अथवा प्रोजेक्ट के रूप में काम करने पर आमदनी की कोई निश्चित सीमा नहीं होती।

प्रमुख संस्थान

  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया www.jmi.ac.in
  • माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी www.mcu.ac.in
  • टीजीसी एनिमेशन एंड मल्टीमीडिया www.tgcindia.com
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिल्म एंड फाइन आर्ट https://www.niffa.org/
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