education

🔥KVS ADMISSION BIG BREAKING🔥 केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए जनप्रतिनिधियों का कोटा हुआ समाप्त, अब बिना किसी सिफारिश या कोटे के मिलेगा केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ऐतिहासिक फैसला

केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश को लेकर बड़ी खबर आ रही हैं।आपको बता दें कि भारत वर्ष में केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए केंद्रीय मंत्रियों सहित जनप्रतिनिधियों का सभी प्रदेशों में अलग-अलग कोटा निर्धारित है। यानी कि केंद्रीय मंत्रियों एवं केंद्रीय जनप्रतिनिधियों की सिफारिश पर केंद्रीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

🔥kvs admission big breaking🔥 केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए जनप्रतिनिधियों का कोटा हुआ समाप्त, अब बिना किसी सिफारिश या को ठेके मिलेगा केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का ऐतिहासिक फैसला
Kvs Admission Kota

जी हां हम बात कर रहे हैं केंद्रीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों के कोटे की। लेकिन केंद्रीय विद्यालय में मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों के कोटे को समाप्त करने का बड़ा एवं ऐतिहासिक फैसला केंद्रीय शिक्षा मंत्री माननीय श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा लिया गया है। अब केंद्रीय विद्यालय की किसी भी कक्षा में प्रवेश लेने के लिए किसी भी केंद्रीय मंत्री या जनप्रतिनिधि की सिफारिशें लागू नहीं होगी ना ही इनका कोई कोटा निर्धारित रहेगा।

हाल ही में हैदराबाद के केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश को लेकर लगातार बन रहे राजनीतिक दबाव एवं जनप्रतिनिधियों के कोटे की असमंजस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा संसद में सर्वसम्मति से यह निर्णय पारित किया गया कि केंद्रीय शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को बनाए रखने के उद्देश्य से अब किसी भी केंद्रीय विद्यालय में जनप्रतिनिधियों का कोटा लागू नहीं होगा एवं नाही किसी केंद्रीय मंत्री की सिफारिश पर प्रवेश देना अनिवार्य होगा।

केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए निर्धारित है जनप्रतिनिधियों का कोटा

आपको बता दें कि अभी तक केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु अलग-अलग राज्यों के लिए केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों का कोटा (प्रवेश आरक्षण) निर्धारित था। जिसके चलते जी ने भी केंद्रीय विद्यालय में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाना होता था वह राजनीतिक रूप से केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से अनुशंसा करवाते थे जिसके आधार पर केंद्रीय विद्यालय में इनके कोटे से प्रवेश दिया जाता था। इसके लिए बकायदा केंद्रीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों का कोटा निर्धारित था जिसके तहत निर्धारित कोटे के अनुसार प्रवेश के लिए सीटों को आरक्षित रखा जाता था।

केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए जनप्रतिनिधियों की आरक्षित सीटों (कोटे) को लेकर आम व्यक्ति अपने बच्चों का प्रवेश केंद्रीय विद्यालयों में बिना किसी अनुशंसा के करवाने में असमर्थ थे।

यानी कि अभी तक बच्चों का प्रवेश केंद्रीय विद्यालय में करवाने के लिए केंद्रीय मंत्री स्तर से अनुशंसा करवाना अनिवार्य होता था। केंद्रीय विद्यालयों में प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित प्रतिशत में केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों का कोटा आरक्षित रहता है। जिस पर केंद्रीय मंत्री स्तर पर सिफारिश होने के बाद स्पेशल प्रोविजन के तहत अनुशंसा के आधार पर विद्यार्थियों का प्रवेश दिया जाता है।

आपको बता दें कि अभी तक केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश हेतु अलग-अलग राज्यों के लिए केंद्रीय मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों का कोटा (प्रवेश आरक्षण) निर्धारित था। जिसके चलते जी ने भी केंद्रीय विद्यालय में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाना होता था वह राजनीतिक रूप से केंद्रीय मंत्रियों के माध्यम से अनुशंसा करवाते थे जिसके आधार पर केंद्रीय विद्यालय में इनके कोटे से प्रवेश दिया जाता था। इसके लिए बकायदा केंद्रीय विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों का कोटा निर्धारित था जिसके तहत निर्धारित कोटे के अनुसार प्रवेश के लिए सीटों को आरक्षित रखा जाता था।
Kvs Admission Kota

Join whatsapp for latest update

Join telegram
Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close

Adblock Detected

Please Close Adblocker to show content