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Mp Board 10th Exam Result Preparation Step By Step Guide एमपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2021 रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया, ऐसे होगा कक्षा दसवीं का रिजल्ट तैयार Benchmark, Pro Rata, Average Number

Mp Board 10th Exam Result Preparation Step By Step Guide एमपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2021 रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया, ऐसे होगा कक्षा दसवीं का रिजल्ट तैयार Benchmark, Pro Rata, Average Number

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष 2021 की हाई स्कूल कक्षा दसवीं परीक्षा को निरस्त किया गया है। हाई स्कूल परीक्षा के मूल्यांकन तथा रिजल्ट तैयार करने के लिए प्रो रेटा पद्धति का उपयोग किए जाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। इन निर्देशों को भली-भांति समझ कर ही सभी विद्यालय प्रमुख 30 मई 2021 तक ओएमआर शीट में अंको को भरकर माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे।

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा कोरोना संक्रमण के चलते वर्ष 2021 की हाई स्कूल कक्षा दसवीं परीक्षा को निरस्त किया गया है। हाई स्कूल परीक्षा के मूल्यांकन तथा रिजल्ट तैयार करने के लिए प्रो रेटा पद्धति का उपयोग किए जाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किए हैं। इन निर्देशों को भली-भांति समझ कर ही सभी विद्यालय प्रमुख 30 मई 2021 तक ओएमआर शीट में अंको को भरकर माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएंगे।
Mp Board 10Th Exam Result Preparation Step By Step Guide एमपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2021 रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया, ऐसे होगा कक्षा दसवीं का रिजल्ट तैयार Benchmark, Pro Rata, Average Number 9

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि किस तरीके से कक्षा दसवीं का रिजल्ट आप तैयार कर सकेंगे। कक्षा दसवीं के रिजल्ट तैयार करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जैसे कि बेंचमार्क, औसत अंक निर्धारण,upward moderation,Pro rata, OMR Sheet में कैसे रिजल्ट भरें। इन सब के बारे में विस्तार से समझा रहे हैं। इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़े ताकि आप कक्षा दसवीं के इस रिजल्ट तैयार करने की नवीन पद्धति से अच्छी तरीके से परिचित हो सके एवं रिजल्ट तैयार करने में किसी भी प्रकार की गलती ना हो ।

हाईस्कूल परीक्षा 2021 का रिजल्ट तैयार करने के लिए मुख्य निर्देश

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा हाईस्कूल परीक्षा 2021 का रिजल्ट तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं इसके अनुसार नियमित विद्यार्थियों एवं प्राइवेट विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पद्धति से रिजल्ट तैयार होगा तो चलिए हम आपको बताते हैं इस वर्ष हाईस्कूल परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने में कौन से मुख्य तथ्यों को ध्यान में रखना होगा।

हाई स्कूल नियमित विद्यार्थियों के लिए

  1. अर्धवार्षिक/प्री बोर्ड, यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार होगा वार्षिक रिजल्ट.
  2. ओएमआर शीट में Pro Rata बेसिस पर भरने होंगे नंबर.
  3. OMR सीट में कुल 20 नंबर में से देना होंगे प्रत्येक विषय के नंबर
  4. बेंच मार्क के आधार पर तैयार होगा रिजल्ट
  5. स्कूल के विगत 3 वर्ष के औसत रिजल्ट के आधार पर बेंच मार्क निर्धारित किया जाएगा।
  6. एमपी बोर्ड समस्त स्कूलों को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से प्रदान करेगा विगत 3 वर्षों के औसत रिजल्ट की जानकारी
  7. स्कूल स्तर से रिजल्ट तैयार होने के बाद राज्य स्तर से फिर से Pro Rata Basis (80%) के आधार पर जारी होगा रिजल्ट
  8. एसक्यूएफ एवं अन्य विषय की प्रैक्टिकल परीक्षा Practical Exam नहीं होगी
  9. छात्र के वार्षिक प्रदर्शन Annual Performance के आधार पर आंतरिक मूल्यांकन Internal Assessment की भांति दिए जाएंगे प्रैक्टिकल परीक्षा Practical Exam के नंबर
  10. विद्यार्थियों के समस्त मूल्यांकन रिकॉर्ड यथा Unit Test, Half Yearly , Pre board Exam परिणाम तथा आंतरिक मूल्यांकन Internal Assessment के परीक्षा परिणामों की जानकारी विषय वार मूल अभिलेख सहित सीलबंद लिफाफे में स्कूल में रखना होंगे अनिवार्य।
  11. बेस्ट ऑफ फाइव के आधार पर तैयार किया जाएगा रिजल्ट
  12. इस वर्ष मेरिट लिस्ट नहीं की जाएगी प्रकाशित
  13. यदि कोई नियमित या प्राइवेट/स्वाध्याय परीक्षार्थी रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है ,तो वह माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा भविष्य में आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सम्मिलित हो सकेगा। इसके लिए शीघ्र ही विभाग नीति तैयार की जाएगी।

प्राइवेट स्वाध्याय छात्रों के लिए रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा प्राइवेट स्वाध्याय परीक्षार्थियों Class 10th Private Students के लिए निम्नानुसार रिजल्ट Result तैयार किया जाएगा

  1. प्राइवेट विद्यार्थियों के लिए आंतरिक मूल्यांकन का प्रावधान नहीं होता है।
  2. इसलिए समस्त प्राइवेट विद्यार्थियों Private Students को प्रत्येक विषय में न्यूनतम उत्तिर्णांक 33 प्रदान किए जा कर उत्तीर्ण Pass घोषित किया जाएगा।
  3. एमपी बोर्ड द्वारा समस्त प्राइवेट विद्यार्थियों को पास की अंकसूची प्रदान की जाएगी।
  4. प्राइवेट विद्यार्थियों के लिए किसी भी प्रकार के अन्य मूल्यांकन की आवश्यकता नहीं है।

कक्षा 10वीं हाई स्कूल परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया

नमस्कार साथियों अब हम आपको यहां पर माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा तय किए गए उपरोक्त निर्देशों के आधार पर प्रत्येक बिंदु पर उदाहरण सहित कक्षा दसवीं के परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया को बताएंगे। जिसमें हम आपको Bench Mark बेंच मार्क, औसत अंक Average Number , प्रो रेटा बेसिस Pro Rata Basis सहित अन्य Term के बारे में भी विस्तृत जानकारी स्टेप बाय स्टेप प्रदान कर रहे हैं।

इस तरह निर्धारित करे अर्धवार्षिक ,प्री बोर्ड तथा यूनिट टेस्ट का वेटेज

एमपी बोर्ड हाई स्कूल परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए दिए गए निर्देशों के अनुरूप निम्नानुसार कार्यवाही की जानी होगी –

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  • प्रत्येक परीक्षार्थी की अर्द्धवार्षिकी परीक्षा / प्री-बोर्ड परीक्षा यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन के अंक शालाओं में उपलब्ध है।
  • वर्ष 2020 21 का परीक्षा परिणाम अर्धवार्षिक परीक्षा या प्री बोर्ड दोनो में से जिसमें विद्यार्थी को अधिकतम अंक प्राप्त हुए हो, का 50% वेटेज (अधिभार) लेना होगा।
  • यूनिट टेस्ट (एक से अधिक यूनिट टेस्ट आयोजित कराये गए हो तो, जिस यूनिट टेस्ट में अधिकतम अंक अर्जित किये गए हो) का 30 प्रतिशत अधिभार तथा आंतरिक मूल्यांकन हेतु 20 प्रतिशत अधिभार नियत किया जाएगा।
  • उक्त तीन प्रकार के मूल्यांकन का अधिभार नियत किया जाकर प्रत्येक परीक्षार्थी को शालाओं द्वारा 100 अंको में से प्राप्तांको की गणना की जाये।
  • उदाहरण के तौर पर यदि किसी विद्यार्थी को अर्धवार्षिक परीक्षा में 50 नंबर एवं प्री बोर्ड परीक्षा में 60 नंबर प्राप्त हो गए हैं। इसमें विद्यार्थी को प्री बोर्ड में ज्यादा अंक प्राप्त हुए हैं इसलिए प्री बोर्ड का 50% अर्थात 30 नंबर लेना हैं। इसी प्रकार यदि किसी यूनिट टेस्ट में 40 नंबर प्राप्त होते हैं तो इसका 30% अर्थात 12 नंबर अधिकार के रूप में लिए जाएंगे। इसी प्रकार आंतरिक मूल्यांकन में यदि किसी छात्र को 60 अंक प्राप्त होते हैं तो उसका 20% अर्थात 12 नंबर अधिभार के रूप में लिए जाएं।
  • इस प्रकार उदाहरण के तौर पर उपरोक्त छात्र को प्री बोर्ड 30 + यूनिट टेस्ट 12 + आंतरिक मूल्यांकन 12 = कुल 54 अंक की गणना की जाएगी।
  • इस प्रकार प्रत्येक विषय में अर्धवार्षिक/प्री बोर्ड ,यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंको का वेटेज निकालकर विषयवार प्राप्तांक निर्धारित किए जाएंगे।

Pro Rata आधार पर इस तरह से OMR sheet में चढ़ाएं नंबर

माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के अंक भरने हेतु ओ.एम.आर. शीट्स शालाओं को प्रेषित की गई है। इन OMR शीट्स में विषयवार अधिकतम 20 अंक भरे जाने का प्रावधान है। प्रत्येक परीक्षार्थी को विषयवार 100 में से प्राप्त अंको को शाला द्वारा 20 अंकों में से प्राप्त होने वाले अंको में Prorata आधार पर परिवर्तित कर इन प्राप्तांको को मण्डल द्वारा प्रेषित OMR शीट्स में विषयवार अंकित किया जाये।

  • इस प्रकार यदि किसी परीक्षार्थी को उपरोक्त फार्मूले के आधार पर यदि किसी विषय में 100 में से कुल 80 अंक प्राप्त होते है तो OMR शीट्स में Prorata आधार पर 20अंक का 80% अर्थात 16 अंक अंकित किये जावेंगे।

बेंच मार्क क्या होता है? इसका निर्धारण कैसे करे ? What is benchmark how can we decide it ?

साथियों माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए दिए गए निर्देशों अनुरूप सबसे महत्वपूर्ण टर्म होगी बेंच मार्क Bench Mark. चलिए हम आपको सबसे पहले बेंच मार्क क्या होता है और उसका निर्धारण कैसे किया जाएगा इसके बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

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बेंच मार्क का अर्थ होता है सर्वश्रेष्ठ औसत अंक। यानी कि अगर हमारे पास विभिन्न वर्षो के परीक्षा परिणाम मौजूद हैं तो सर्वप्रथम प्रत्येक वर्ष के परीक्षा परिणाम का औसत निकालने के पश्चात जिस वर्ष के सर्वश्रेष्ठ औसत अंक प्राप्त होंगे। वहीं सर्वश्रेष्ठ औसत अंक बेंच मार्क कहलाएंगे।

शालावार विगत तीन वर्षों के औसत अंकों की गणना करते समय “अनुपस्थित” के छात्रों के अंक शून्य तथा “PASS” अंकित छात्रों हेतु 33 अंक मान्य करते हुए औसत अंकों की गणना की जाएगी।

ऐसे तय कर पाएंगे स्कूल का बेंच मार्क

  • माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा प्रत्येक स्कूल को बेंच मार्क निर्धारित करने के लिए एमपी ऑनलाइन MP online के लॉगिन पर पिछले 3 वर्षों का परीक्षा परिणाम का औसत प्रदान किया जाएगा।
  • संस्था प्रधान या स्कूल प्राचार्य अपने एमपी ऑनलाइन लॉगइन MP online Login के माध्यम से अपने स्कूल का पिछले 3 वर्षों के रिजल्ट का औसत का विश्लेषण कर सकेंगे।
  • एमपी ऑनलाइन पर दिए जा रहे पिछले 3 वर्षों के औसत रिजल्ट के आधार पर सर्वश्रेष्ठ औसत रिजल्ट निर्धारित करेंगे।
  • जैसे कि यदि वर्ष दो हजार 2018-19 का औसत रिजल्ट 60% वर्ष 2019 20 का औसत रिजल्ट 70% वर्ष और 2020-21 का औसत रिजल्ट 58% है तो, इन तीनों वर्षों में से सर्वश्रेष्ठ औसत रिजल्ट 70% होगा जो कि वर्ष 2019 20 का है।
  • अब यही आपके स्कूल का बेंच मार्क होगा
  • याद रखें आपके स्कूल के इस बेंच मार्क से अधिकतम 2% यानी कि उदाहरण के तौर पर 70% बेंच मार्क होने पर इस वर्ष का परीक्षा परिणाम अधिकतम 72% हो सकेगा । इससे ज्यादा परीक्षा परिणाम होने पर राज्य स्तर से अपवर्ड मॉडरेशन Upward Moderation किया जाएगा। जिसमे आपके द्वारा दिए गए रिजल्ट को बेंच मार्क से अधिकतम 2% या उससे कम लिया जाएगा।
  • यदि किसी शाला के 03 वर्षो से कम अर्थात 02 या 01 वर्ष के औसत अंक ही दिख रहे हो तो शाला के सर्वश्रेष्ठ औसत अंक बेंचमार्क माने जावेंगे।
  • यदि किसी शाला का पूर्व वर्षों का डेटा उपलब्ध नहीं है तो ऐसी स्थिति में विगत तीन वर्षों के सर्वेश्रेष्ठ प्रदेश औसत अंको को उस शाला हेतु बैंचमार्क माना जावेगा।

वर्ष 2020 21 के लिए औसत अंक निर्धारण करने की प्रक्रिया

माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा हाई स्कूल परीक्षा परिणाम तैयार करने के दिए गए निर्देशों के अनुरूप बेंच मार्क निर्धारण करने के पश्चात आपको सबसे पहले वर्ष 2020-21 के लिए औसत अंको का निर्धारण करना होगा।

शालावार औसत अंकों की गणना निम्नानुसार की जावे

  • सर्व प्रथम समस्त छात्रों के समस्त विषयों के प्राप्तांकों का योग करें। प्रायोगिक भाग वाले विषयों में प्रायोगिक परीक्षा के अंक जोडते हुये प्रत्येक परीक्षार्थी को 100 में से अंक प्रदान करें।
  • इस प्रकार प्राप्त संख्या को शाला की कुल छात्र संख्या से भाग (Divide) दे |
  • भाग देने पर प्राप्त संख्या ही आपकी शाला के हाईस्कूल परीक्षा वर्ष 2021 के औसत अंक होगें।
  • उदाहरण स्वरूप यदि आपकी शाला में कुल 92 छात्र हैं तथा समस्त छात्रों के समस्त विषयों के प्राप्तांकों का योग 30467 तो 30467 / 92331.16 अंक 331.16 अंक ही आपकी शाला के औसत अंक है तथा इस अंक का प्रतिशत कुल 600 पूर्णांक में से निकाला जाएगा। जो कि (331.16/600*100) 55.19% है।
  • शाला के औसत अंक 03 वर्षों के औसत अंकों के सर्वश्रेष्ठ से +2 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो सकेगा।
  • उदाहरण स्वरूप यदि किसी शाला का विगत तीन वर्षों में सर्वश्रेष्ठ औसत अंक 72 प्रतिशत है तो इस वर्ष शाला द्वारा प्रदत्त समस्त छात्रों को समस्त विषयों में प्रदत्त अंकों का औसत 72-74 के तक होना चाहिए।

इस प्रकार आप उपरोक्त बताए गए अनुसार हाई स्कूल परीक्षा कक्षा दसवीं 2021 का परीक्षा परिणाम तैयार कर सकेंगे यदि आपको परीक्षा परिणाम तैयार करने में किसी और प्रकार का संशय है। तो आप इस पोस्ट के अंत में कमेंट बॉक्स में अपनी कमेंट कर सकते हैं

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