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ढाई लाख कर्मचारियों को फुल पेंशन लाभ दिलाने सरकार में बढी सक्रियता

अगर सब कुछ ठीक रहा तो मध्य प्रदेश के तकरीबन ढाई लाख कर्मचारियों को राज्य सरकार मौजूदा वर्ष में ही बड़ी सौगात दे सकती है। जिस फुल पेंशन के फार्मूले की लड़ाई प्रदेश के कर्मचारी अन्य राज्यों को आधार बनाकर लड़ रहे थे। उसमें शत-प्रतिशत सफलता मिलती दिख रही है।

बताना होगा कि दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में वहां की सरकारों ने 20 वर्ष की सेवा करने पर लोक सेवक को फुल पेंशन की पात्रता दी है। जबकि मध्यप्रदेश में 33 वर्ष की सेवा पूरी करने पर यह व्यवस्था है। इसको लेकर पिछले महीने सरकार समर्थित मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं जागरूक अधिकारी कर्मचारी पत्र: संयुक्त समिति द्वारा शासन को पत्र लिखा गया था। सरकार की मध्यप्रदेश कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा को भी इस पत्र के माध्यम से पूरे हालात बताए गए थे।

मुख्य बिन्दु

■ अन्य राज्यों की तरह कर्मी 33 की बजाय 20 वर्ष की सेवा में फुल पेंशन मांग
■ समिति ने शासन को लिखा पत्र, सीएम के निर्देश पर अफसर खोजने में जुटे विकल्प

शर्मा को समझाया गया था कि 33 वर्ष की सेवा में फुल पेंशन की पात्रता होने से प्रदेश के ढाई लाख कर्मचारी लाभ पाने से वंचित हो रहे हैं। कारण है कि ये ऐसे कर्मचारी हैं जिनकी सेवा की शुरुआत 40 साल की उम्र का दायरा झेलने के बाद हुई थी। दोनों संगठनों के नेता हेमंत श्रीवास्तव एवं उदित भदौरिया द्वारा इसका विस्तृत पक्ष कल्याण समिति अध्यक्ष शर्मा के समक्ष रखा गया था।

बताया जा रहा है कि अब कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने भी अफसरों को निर्देशित किया है कि इस समस्या का समाधान करने के लिए शीघ्र ही कोई रास्ता निकाला जाए।

शासन को लिखा गया है पत्र : शर्मा

राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एवं मप्र कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचन्द्र शर्मा का कहना है कि फुल पेंशन के लिए कमचारी संगठनों द्वारा पत्र लिखा गया था। इन पत्रों के आधार पर शासन को पत्र लिखा गया है। शासन की मंशा है कि कर्मचारियों को उनकी सुविधाएं मिलना चाहिए। श्री शर्मा ने बताया कि जितने भी कर्मचारी संवर्गों की लंबित मांगे हैं। संगठनों द्वारा दिए जा रहे ज्ञापन के आधार संबंधित विभागों को पत्र लिखा जा रहा है।

ढाई लाख कर्मियों को होगा सीधा लाभः भदौरिया

प्रदेश में कर्मचारियों की 20 साल की सेवा में फुल पेंशन का लाभ दिलाए जाने की कोशिश vec +h^ 2 रहे जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समिति के अध्यक्ष उदित भदौरिया Pi का कहना है कि अगर सरकार यह लाभ देती है तो इससे ढाई लाख परिवारों का जीवन स्तर सुधर जाएगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली एवं उत्तराखंड सहित अन्य राज्य यह लाभ अपने सेवकों को दे चुके हैं। इस कारण हमारा प्रयास है कि मप्र में भी कर्मियों को 33 की बजाय 20 साल की सेवा में फुल पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।

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