educationEducational News

💥Big Breaking 💥 मध्य प्रदेश वोकेशनल टीचर : डीपीआई के इस आदेश के बाद व्यवसायिक प्रशिक्षको पर लटकी तलवार, हजारों व्यवसायिक प्रशिक्षक की नौकरी खतरे में, व्यवसायिक प्रशिक्षकों ने शुरू किया विरोध, यहां जाने व्यवसायिक प्रशिक्षकों के नियुक्ति की ए टू जेड स्थिति 👇

Vocational Trainer, vocational Teachers, vocational education,mp school education department, educational news, education,mp news

मध्य प्रदेश नई व्यवसायिक शिक्षा नीति अंतर्गत शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल टीचरों के लिए एक नई मुसीबत आन पड़ी है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2014 से वोकेशनल एजुकेशन संचालित की जा रही है । जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश के चयनित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन के 34 पाठ्यक्रमों के अंतर्गत पढ़ाई जारी हैं। इन वोकेशनल टीचर्स को लेकर अब मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा योग्यता परीक्षण करवाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पूर्व से कार्यरत हजारों शिक्षक सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता में खरे नहीं उतर पा रहे हैं ऐसी स्थिति में अब इन्हें विभाग अयोग्य घोषित करते हुए आउटसोर्सिंग पर रखे गए इन वोकेशनल टीचर्स की सेवाएं समाप्त कर सकता है।

Table of Contents

पहले शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से तो बाद में आउटसोर्सिंग पर रखे गए हैं हजारों वोकेशनल टीचर

वोकेशनल एजुकेशन अंतर्गत पूर्व से शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से वोकेशनल अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी जो कि बाद में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर दी गई। यह वोकेशनल टीचर लंबे समय से आउटसोर्सिंग एजेंसी के द्वारा सेवाएं दे रहे हैं।

2020-21 में आउटसोर्सिंग कंपनी ने परीक्षा के माध्यम से किया था चयन

हाल ही में वर्ष 2021 में ही आउट सोर्स के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की गई है। जिसमें डीपीआई भोपाल द्वारा 34 अलग-अलग एजेंसियों को ट्रेडवार आउटसोर्सिंग के लिए अनुबंध किया गया था । जिसके अंतर्गत इन एजेंसियों के द्वारा शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल जहां पर वोकेशनल एजुकेशन प्रचलित है ,वहां पर वोकेशनल टीचर की नियुक्ति करना थी। आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप वोकेशनल टीचर के लिए नियमानुसार भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ण की गई एवं जिसके आधार पर स्कूलों में पूर्व से कार्यरत वोकेशनल टीचरों को परीक्षा के माध्यम से पुनः नियोजित किया गया।

हाई कोर्ट ने पुराने वोकेशनल टीचर को हटाने पर दिया था स्टे

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2020 21 में डीपीआई के माध्यम से जब नहीं आउट सोर्स कंपनियों से अनुबंध किया गया तो इन कंपनियों द्वारा पैसिव यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा निर्धारित योग्यता के आधार पर संभाग स्तरीय परीक्षाओं का आयोजन किया परीक्षा तथा साक्षात्कार के बाद कंपनियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां की गई इसी बीच 2019 तथा उससे पूर्व से स्कूलों में कार्यरत अतिथि वोकेशनल टीचर्स तथा पुराने वोकेशनल टीचर्स द्वारा हाईकोर्ट में इस प्रक्रिया को चुनौती दी गई।

इसके बाद हाईकोर्ट ने वोकेशनल टीचर्स द्वारा दायर की गई रिट पिटिशन पर विचार करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग डीपीआई भोपाल को पूर्व से कार्यरत वोकेशनल टीचर्स को उन्हीं संस्थाओं में आगामी निर्देश तक कार्य करते रहने के निर्देश दिए। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भी आउट सोर्स कंपनियों को ऐसे अभ्यर्थी जो कि 2019 से पूर्व से वोकेशनल टीचर्स के रूप में कार्यरत थे उन्हें जस का तस रखे जाने के निर्देश प्रसारित किए गए।

Join whatsapp for latest update

तभी से यह वोकेशनल टीचर लगातार हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

PSSCIVE यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले वोकेशनल टीचर बने रहेंगे

लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा वोकेशनल टीचर्स की याचिका पर निराकरण निर्देश जारी किए गए। जिस के अनुरूप हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को जस का तस बने रहने के निर्देश दिए। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप समस्त आउटसोर्सिंग कंपनियों को निर्देश जारी किए गए कि वे पैसिव PSSCIVE यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा वोकेशनल टीचर्स के लिए निर्धारित योग्यताओं का परीक्षण करें एवं निर्धारित योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को बिना किसी चयन प्रक्रिया के उन्हें स्कूलों में यथावत रखा जाए तथा ऐसे वोकेशनल टीचर्स जो कि निर्धारित योग्यता नहीं रखते हैं उन्हें अपात्र घोषित करते हुए उनके स्थान पर निर्धारित चयन प्रक्रिया का पालन करते हुए नए वोकेशनल टीचर्स की नियुक्ति की जाए।

Join telegram

हाई कोर्ट एवं डीपीआई भोपाल के निर्देशों के पश्चात मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में वोकेशनल टीचर की निर्धारित योग्यता परीक्षण के निर्देश जारी किए गए जिसके पश्चात सभी 34 ट्रेड अंतर्गत कार्यरत वोकेशनल टीचर योग्यता परीक्षण के लिए संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी के प्रतिनिधि तथा जिला शिक्षा अधिकारी एवं एडीपीसी रमसा निर्देशन में गठित कमेटी द्वारा वोकेशनल टीचर की योग्यता का परीक्षण किया गया ।

पहले सर्टिफिकेट को किया गया मान्य अब PSSCIVE यूनिवर्सिटी के अनुसार 1 वर्ष का डिप्लोमा अनिवार्य

बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा छोड़ो ना काल के बाद वर्ष 2019 में नियुक्त किए गए वोकेशनल टीचर्स को अतिथि वोकेशनल के रूप में शाला प्रबंधन समिति द्वारा नहीं किया गया था। इस समय वोकेशनल टीचर के रूप में नियुक्त होने वाले अभ्यर्थियों द्वारा 6 महीने से लेकर 1 वर्ष तक का संबंधित ट्रेड में सर्टिफिकेट एवं अनुभव प्रमाण पत्र दिया गया था जिसके आधार पर उन्हें वोकेशनल टीचर्स के रूप में नियुक्ति दी गई थी। आईटी वोकेशनल टीचर्स के लिए पीजीडीसीए मान्य किया गया था वही ब्यूटी एंड वैलनेस वोकेशनल टीचर्स के लिए 6 महीने का सर्टिफिकेट डिप्लोमा मान्य किया गया था।

6 महीने के सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों को भी किया गया था पात्र अब नए निर्देश के बाद हुए अपात्र

बता दें कि डीपीआई भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप वोकेशनल टीचर की योग्यता परीक्षण 25 मई 2022 तक पूर्ण किया गया है। योग्यता परीक्षण के दौरान कई कंपनियों विशेषकर ब्यूटी एंड वैलनेस को लेकर कंपनी द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को पक्ष रखा गया था कि ब्यूटी एंड वैलनेस में 6 महीने का सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स के बराबर होता है। ऐसी स्थिति में विभाग द्वारा मौखिक स्वीकृति को लेकर अभ्यर्थियों को योग्यता परीक्षण के दौरान पात्र माना गया था।

लेकिन अब फिर से जारी किए गए निर्देशों तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों के अनुरूप पात्र किए गए 6 माह के सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थी एक बार फिर अपात्र घोषित हो गए हैं

1 वर्ष से कम डिप्लोमा कोर्स वाले वोकेशनल टीचर होंगे बाहर

लेकिन अब विभाग द्वारा psscive यूनिवर्सिटी फॉर वोकेशनल एजुकेशन भोपाल द्वारा निर्धारित योग्यता के अनुरूप 1 वर्ष का डिप्लोमा तथा अनुभव अनिवार्य रूप से मांगा गया है। Beauty and wellness ट्रेड में अभी तक 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स से ही होता है 1 वर्ष का डिप्लोमा कोर्स बहुत कम संस्थाओं द्वारा करवाया जाता है। वही beauty and wellness वोकेशनल रेड अंतर्गत डिप्लोमा कोर्स केवल हरियाणा एवं पंजाब यूनिवर्सिटी एवं कुछ बड़ी कंपनियों द्वारा ही करवाया जाता है।

ऐसी स्थिति में कार्यरत वोकेशनल टीचर्स में से अधिकतर के पास 6 माह का सर्टिफिकेट डिप्लोमा उपलब्ध है जिसे लेकर विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप अपात्र घोषित किया गया है ।

ऐसी स्थिति में अब हजारों कार्यरत वोकेशनल टीचर की नौकरी खतरे में पड़ गई हैं।

डिप्लोमा के पूर्व का अनुभव भी अमान्य घोषित

समग्र शिक्षा अभियान रमसा डीपीआई भोपाल द्वारा जारी किए गए निर्देश दिनांक 8 जून 2022 के अनुसार वोकेशनल टीचर्स के लिए किसी भी ट्रेड में वांछित डिप्लोमा पूर्ण करने के पूर्व का अनुभव मान्य नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि ऐसी स्थिति में हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लग सकता है क्योंकि कई अभ्यर्थियों द्वारा डिप्लोमा कोर्स करने के पूर्व भी अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए गए हैं। विभाग द्वारा निर्देशित किया गया है कि ब्यूटी वैलनेस ग्रेड के लिए पंजीकृत संस्था द्वारा न्यूनतम 1 वर्ष की अवधि का डिप्लोमा माननीय होगा। तथा डिप्लोमा पूर्ण करने के पूर्व का अनुभव मान्य नहीं होगा।

वोकेशनल टीचर आईटी में पीजीडीसीए बी ई इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन हुआ अमान्य

DPI Bhopal राम सातबारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए मार्गदर्शन के अनुरूप आईटी वोकेशनल टीचर्स के लिए आईटीआईटीएस ट्रेड में PGDCA, B.E. electricals and electronics,B.E. electronics and telecommunication डिप्लोमा डिग्री को अमान्य घोषित किया गया है।

वोकेशनल एजुकेशन आईटी i t e s trade मैं केवल बीएससी कंप्यूटर साइंस को मान्य किया जा सकेगा।

वोकेशनल टीचर आयु सीमा में मिलेगी छूट

समग्र शिक्षा अभियान रमसा भोपाल द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुरूप विद्यालय में व्यवसायिक प्रशिक्षक वोकेशनल ट्रेनर के रूप में कार्य करने के लिए प्रथम बार चयन के समय आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम से 37 वर्ष का प्रावधान है इस प्रावधान के अनुसार जितने अकादमिक सत्र में संबंधित द्वारा विद्यालय में व्यवसायिक प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया गया है उसे इतने वर्ष की छूट प्रदान की जा सकती हैं।

व्यवसायिक प्रशिक्षको ने की सेवा निरंतर की मांग, आंदोलन की चेतावनी

मध्यप्रदेश व्यावसायिक प्रशिक्षक संगठन द्वारा मध्य प्रदेश सरकार से व्यवसायिक प्रशिक्षकों को निरंतर रखने की मांग की है। व्यवसायिक प्रशिक्षकों का कहना है कि हमें इतने साल से जब व्यवसायिक प्रशिक्षक के रूप में कार्य करवाया गया है ,तो अब हम अयोग्य कैसे हो सकते हैं? यदि हमारी योग्यता नहीं थी तो पूर्व में नियुक्ति क्यों दी गई ? साथ ही यदि सरकार हम से 1 वर्ष का डिप्लोमा चाहती है तो हमें 1 वर्ष डिप्लोमा करने का मौका दिया जाना चाहिए और इस अवधि में हमें निरंतर सेवा में रखने के निर्देश जारी किए जाने चाहिए । इस प्रकार से हमें लंबे समय से व्यवसायिक प्रशिक्षक के रूप में रखने के पश्चात अचानक निर्धारित योग्यता के नाम पर योग्यता परीक्षण करने तथा सेवा से बाहर करना न्याय संगत नहीं है । यदि सरकार ने हमारी मांग नहीं मानी तो हम न्यायालय की शरण में जाएंगे एवं सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे।

डीपीआई ने जारी किए यह निर्देश

डीपीआई भोपाल द्वारा समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को वोकेशनल ट्रेनर व्यवसायिक प्रशिक्षकों की सेवाओं को निरंतर रखने के संबंध में योग्यता परीक्षण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन पत्र जारी किया है । जिसके अनुसार 1 वर्ष डिप्लोमा होना अनिवार्य किया गया है । वहीं अनुभव भी डिप्लोमा के पश्चात सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

व्यवसायिक प्रशिक्षकों द्वारा इस पत्र विरोध किया जा रहा है। डिजिटल एजुकेशन पोर्टल आपकी सुविधा के लिए यहां पर डीपीआई द्वारा जारी पत्र उपलब्ध करवा रहा है।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 2014 से वोकेशनल एजुकेशन संचालित की जा रही है । जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश के चयनित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में वोकेशनल एजुकेशन के 34 पाठ्यक्रमों के अंतर्गत पढ़ाई जारी हैं। इन वोकेशनल टीचर्स को लेकर अब मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग द्वारा योग्यता परीक्षण करवाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत पूर्व से कार्यरत हजारों शिक्षक सरकार द्वारा निर्धारित योग्यता में खरे नहीं उतर पा रहे हैं ऐसी स्थिति में अब इन्हें विभाग अयोग्य घोषित करते हुए आउटसोर्सिंग पर रखे गए इन वोकेशनल टीचर्स की सेवाएं समाप्त कर सकता है।
💥Big Breaking 💥 मध्य प्रदेश वोकेशनल टीचर : डीपीआई के इस आदेश के बाद व्यवसायिक प्रशिक्षको पर लटकी तलवार, हजारों व्यवसायिक प्रशिक्षक की नौकरी खतरे में, व्यवसायिक प्रशिक्षकों ने शुरू किया विरोध, यहां जाने व्यवसायिक प्रशिक्षकों के नियुक्ति की ए टू जेड स्थिति 👇 9

अगर आप को डिजिटल एजुकेशन पोर्टल द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे अधिक से अधिक शिक्षकों के साथ शेयर करने का कष्ट करें|

Follow us on google news - digital education portal
Follow Us On Google News – Digital Education Portal

हमारे द्वारा प्रकाशित समस्त प्रकार के रोजगार एवं अन्य खबरें संबंधित विभाग की वेबसाइट से प्राप्त की जाती है। कृपया किसी प्रकार के रोजगार या खबर की सत्यता की जांच के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट विजिट करें | अपना मोबाइल नंबर या अन्य कोई व्यक्तिगत जानकारी किसी को भी शेयर न करे ! किसी भी रोजगार के लिए व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगी जाती हैं ! डिजिटल एजुकेशन पोर्टल किसी भी खबर या रोजगार के लिए जवाबदेह नहीं होगा

Team Digital Education Portal

Show More

Leave a Reply

Back to top button
Close

Adblock Detected

Please Close Adblocker to show content