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💥 बड़ी खबर💥 रीवा कलेक्टर ने कोरोना योद्धा का आदेश किया निरस्त, कल ही जारी किया था आदेश, कोरोना संक्रमण की रोकथाम में ड्यूटी दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी होंगे कोरोना योद्धा

मध्य प्रदेश में कोरोना योद्धा योजना को लेकर बवाल मचा हुआ है। जहां एक और शासन ने फ्रंटलाइन वर्कर्स के रूप में स्वास्थ्य विभाग पंचायत ग्रामीण विकास विभाग एवं राजस्व विभाग को मुख्य भूमिका प्रदान की है वहीं शिक्षा विभाग को अछूता छोड़ दिया है। जबकि शिक्षा विभाग के शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी लगातार शासन की विभिन्न योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आए हैं। वर्तमान परिदृश्य में भी कोरोना की इस भयानक महामारी में शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कोविड-19 रूम से लेकर होम आइसोलेटेड रोगियों के सर्वे एवं विशेष पुलिस अधिकारी के रूप में लगाई गई है। बावजूद शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों को कोरोना योद्धा एवं फ्रंटलाइन वर्कर नहीं माना गया।

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कलेक्टर रीवा ने निरस्त किया कोरोना योद्धा आदेश

मध्यप्रदेश में आए दिन शिक्षकों की कोरोनावायरस के संक्रमण के दौरान मौत हो रही है। वहीं विभिन्न शिक्षक संगठन एवं कर्मचारी संगठनों ने शिक्षकों सहित कोरोना की इस महामारी में कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित कर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है। इस संबंध में कल ही कलेक्टर रीवा द्वारा रीवा जिले में कोविड-19 में ड्यूटी दे रहे विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया गया था। लेकिन 24 घंटे के अंदर ही आनन-फानन में कलेक्टर रीवा द्वारा जारी किया गया आदेश आज निरस्त किया गया।

💥 बड़ी खबर💥 रीवा कलेक्टर ने कोरोना योद्धा का आदेश किया निरस्त, कल ही जारी किया था आदेश, कोरोना संक्रमण की रोकथाम में ड्यूटी दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी होंगे कोरोना योद्धा
💥 बड़ी खबर💥 रीवा कलेक्टर ने कोरोना योद्धा का आदेश किया निरस्त, कल ही जारी किया था आदेश, कोरोना संक्रमण की रोकथाम में ड्यूटी दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी होंगे कोरोना योद्धा 10

कलेक्टर रीवा द्वारा कार्यालयीन आदेश क्रमांक 196/कोविड 19 / राहत / 2021 रीवा, दिनांक 30 अप्रैल 2021 के द्वारा मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आदेश जारी किया गया था, जो तत्काल प्रभाव से एतद् द्वारा निरस्त किया गया है।

कलेक्टर रीवा द्वारा कार्यालयीन आदेश क्रमांक 196/कोविड 19 / राहत / 2021 रीवा, दिनांक 30 अप्रैल 2021 के द्वारा मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आदेश जारी किया गया था, जो तत्काल प्रभाव से एतद् द्वारा निरस्त किया गया है।
💥 बड़ी खबर💥 रीवा कलेक्टर ने कोरोना योद्धा का आदेश किया निरस्त, कल ही जारी किया था आदेश, कोरोना संक्रमण की रोकथाम में ड्यूटी दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी होंगे कोरोना योद्धा 11

उज्जैन बुरहानपुर कलेक्टर भी शिक्षकों को घोषित कर चुके हैं कोरोना योद्धा

विदित हो कि मध्यप्रदेश में उज्जैन एवं बुरहानपुर कलेक्टर ने भी कोरोना संक्रमण में ड्यूटी दे रहे शिक्षकों तथा शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया है। एवं हाल ही में रीवा कलेक्टर द्वारा भी कल ही शिक्षकों सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित किया गया था। कोरोना योद्धा घोषित करने के कारण कोरोना संक्रमण में पूर्ण समर्पण के साथ सेवाएं दे रहे शिक्षकों सहित अन्य विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली थी। क्योंकि कोरोना योद्धा अंतर्गत उनके परिवार की सुरक्षा से वह निश्चिंत हो चुके थे। लेकिन अचानक से रीवा कलेक्टर द्वारा कोरोना योद्धा घोषित करनेे के आदेश को निरस्त करना समझ से परे है।

पूरे प्रदेश में उठ रही है मांग

मध्य प्रदेश में विभिन्न कर्मचारी संगठन कोरोनावायरस के कारण हो रही कर्मचारियों की आकस्मिक मृत्यु के कारण लगातार मध्य प्रदेश सरकार पर दबाव बना रहे हैं । संगठनों ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण की ड्यूटी के दौरान जिन कर्मचारियों की मृत्यु हुई है उन्हें कोरोना योद्धा घोषित कर योजना अंतर्गत आर्थिक लाभ उनके परिवार को तत्काल प्रदान किया जाए।

आखिर क्यों किया गया आदेश निरस्त?

मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कोविड-19 संक्रमण अंतर्गत अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के समस्त अधिकारी कर्मचारी मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा योजना अंतर्गत पात्र होंगे तथा उन्हें योजना अंतर्गत समस्त लाभ प्राप्त होंगे।

ऐसे में आखिर कलेक्टर रीवा द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम में कार्यरत कर्मचारियों को कोरोना योद्धा घोषित करने के बाद आखिर 24 घंटे में ही आदेश क्यों निरस्त किया गया? जबकि मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा योजना अंतर्गत पात्र कर्मियों को अधिकृत करने के अधिकार जिला कलेक्टर को है। ऐसे में जब सब कुछ नियमानुसार हुआ है तो फिर आदेश निरस्त क्यों किए गए ?

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इस पर अभी स्पष्ट बात सामने नहीं आई है। लेकिन सूत्रों की माने तो उच्च स्तर से इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। चूंकि मध्यप्रदेश शासन द्वारा कोविड-19 योद्धा योजना अंतर्गत शुरुआती दौर में फ्रंटलाइन वर्कर को ही शामिल किया गया है लेकिन वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश शासन का सबसे बड़ा शिक्षा विभाग यदि इस योजना में शामिल होता है तो मध्यप्रदेश शासन को काफी बड़ा वित्तीय बजट लेकर चलना होगा ।

उज्जैन एवं बुरहानपुर कलेक्टर द्वारा भी शिक्षकों सहित अन्य विभाग के कर्मचारी जो कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं ,को कोरोना योद्धा घोषित किया गया है। इससे उज्जैन एवं बुरहानपुर के आदेश पर भी संशय बना हुआ है कि यह भी कहीं निरस्त ना हो जाए।

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मध्यप्रदेश में हो रही शिक्षकों की मृत्यु पर शिक्षा विभाग ने किया खंडन

भोपाल से प्रकाशित समाचार पत्र दैनिक भास्कर में दिनांक 30 अप्रैल 2021 को प्रकाशित समाचार “दो महीने में कोरोना ड्यूटी में लगे 726 शिक्षकों की मौत, 2845 संक्रमित को भ्रामक एवं तथ्यहीन समाचार बताया है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों में 675 शिक्षकों की हुई मौत, जिसमें 441 शिक्षक कोरोना संक्रमित थे

शिक्षा विभाग ने खबर का खंडन करते हुए बताया कि उक्त कथन पूर्णतः तथ्यहीन एवं भ्रामक है। वस्तुस्थिति यह है कि विगत 2 माह में नहीं वरन लगभग विगत 1 वर्ष की समयावधि में 675 शिक्षकों की मृत्यु हुई है जिसमें से कोरोना संक्रमण से 441 शिक्षकों एवं अन्य बीमारियों अथवा दुर्घटना इत्यादि के कारण 234 शिक्षकों की मृत्यु हुई है।

शिक्षा विभाग के अनुसार कोरोना ड्यूटी पर नहीं थे मृत 441 शिक्षक

कोरोना संक्रमण के कारण मृत उक्त समस्त 441 शिक्षक कोरोना ड्यूटी में संलग्न नहीं थे। अत: समाचार पत्र का यह प्रकाशित करना कि कोरोना ड्यूटी में लगे शिक्षक संक्रमित हुए है अथवा उनकी मृत्यु हुई है, पूर्णतः असत्य है।

कलेक्टर के आदेश से कोरोना संक्रमण में सेवा दे रहे सभी कर्मचारी कोरोना योद्धा योजना में है पात्र

समाचार पत्र में यह भी प्रकाशित किया गया है कि “शिक्षक राज्य सरकार की कोविड-19 योद्धा योजना में शामिल नहीं है ऐसे में न तो उन्हें इलाज के लिए सरकारी मदद मिल पा रही है, न ही परिजनों को नौकरी या मुआवजा मिल पायेगा।”

इस संबंध में उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के द्वारा जारी आदेश में मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना के बिन्दु 3 पात्र कर्मी के बिन्दु 3.3 में पूर्व से ही यह उल्लेख है कि अन्य विभागों के कर्मी जो कोविड-19 महामारी के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकृत हैं पात्र हैं। बिन्दु 3.4 में कर्मी का आशय राज्य सरकार के विभागों के कर्मचारी या उसके बोर्ड / निगम / प्राधिकरण / एजेन्सी / कम्पनियों आदि के द्वारा नियुक्त स्थाई / अनुबंधित / दैनिक वेतन / तदर्थ / आउटसोर्स / सामुदायिक स्वास्थ्य कर्ता शामिल हैं।”

कोविड-19 महामारी में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के समस्त कर्मचारी मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में होंगे पात्र

उक्त से यह स्पष्ट है कि राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग सहित समस्त विभागों के ऐसे कर्मचारी जो कोविड-19 महामारी के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान करने के लिए नियुक्त हैं, वे मुख्यमंत्री कोविड-19 योद्धा कल्याण योजना में निहित समस्त सुविधाओं के पात्र हैं साथ ही शासकीय कर्मचारियों की मृत्यु उपरांत उनके पात्र उत्तराधिकारी को नियमानुसार समस्त प्रकार के लाभ प्राप्त होते है।

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